Tuesday , December 19 2017

हिंदूस्तानी कारकुनों के मसाय‌ल पर हिंद – सऊदी अरब का तबादला-ए-ख़्याल

नई दिल्ली, ०६ नवंबर ( पीटीआई) हिंदूस्तान और सऊदी अरब ने आज हिंदूस्तानी कारकुनों के तक़र्रुर (नियुक्ति) की कार्रवाई को आसान और बिला रुकावट बनाने के लिए एक मुआहिदा तय करने के सिलसिले में बातचीत का आग़ाज़ कर दिया ।

नई दिल्ली, ०६ नवंबर ( पीटीआई) हिंदूस्तान और सऊदी अरब ने आज हिंदूस्तानी कारकुनों के तक़र्रुर (नियुक्ति) की कार्रवाई को आसान और बिला रुकावट बनाने के लिए एक मुआहिदा तय करने के सिलसिले में बातचीत का आग़ाज़ कर दिया ।

मर्कज़ी वज़ीर बराए बैरूनी ममालिक मुक़ीम हिंदूस्तानियों के (एनारआई )उमूर वायलार रवि ने इस मसले पर सऊदी अरब के वज़ीरे मेहनत आदिल बिन मुहम्मद फ़क़ीहा के साथ एक मुलाक़ात के दौरान इस मसले पर गौर व ख़ौस किया । सऊदी अरब रोज़गार के लिए माहिर और ग़ैर माहिर हिंदूस्तानी कारकुनों की पसंदीदा जगह है, जिन की तादाद सऊदी अरब में तक़रीबन 18 लाख हैं।

बातचीत को एक अच्छा आग़ाज़ क़रार देते हुए वायलार रवि ने कहा कि मुलाक़ात बुनियादी तौर पर ऐसे तरीक़ों पर मर्कूज़ रही, जिन के ज़रिये हिंदूस्तानी कारकुनों को सऊदी अरब में दरपेश मसाइल ( समस्याओं) की यकसूई ( हल करना) की जा सकती है । सऊदी अरब ने हिंदूस्तानी कारकुनों के तक़र्रुत करने वाले इदारों की जानिब से इस्तेहसाल (शोषण्) की शिकायात में रोज़ बरोज़ इज़ाफ़ा होता जा रहा है ।

फ़क़ीहा ने कहा कि इस मुलाक़ात का मक़सद मुज़ाकरात और एक याददाश्त मुफ़ाहमत का मुसव्वदा ( प्रारूप) तैयार करना था, जिस पर दोनों मुमालिक दस्तख़त करेंगे ताकि मसाइल ( सम्स्याओं) की जंग काटी जा सके और बलारुकावट वसहतमन्द ताल्लुक़ात आजिर और मुलाज़िम के दरमयान क़ायम हो जाएं ।

जिस के नतीजे में दोनों ममालिक के दरमयान भी बेहतर हो सकते हैं । सब से बड़ा मसला जो हालिया अर्सा में बाअज़ मुलाज़मीन को दरपेश हैं जिन्होंने अपनी ख़ुसूसी तालीमी क़ाबिलीयत और पेशावाराना महारत के बारे में रजिस्ट्रेशन करवाया लेकिन जब वो सऊदी अरब पहुंचे तो उन्हें मुख़्तलिफ़ नौईयत का काम सपुर्द किया गया ।

उन्होंने कहा कि हम एक ऐसा निज़ाम क़ायम करना चाहते हैं, जिस के ज़रिये तक़र्रुत की जांच की जा सके और उनकी तौसीक़‌ ( प्रमाणित/ पुष्टी) हो सके ।

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