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हिंदूस्तानी गंदुम (गेहूं) की मशरिक़-ए-वुसता (middle east ) में फ़रोख़त

मशरिक़-ए-वुसता (middle east) ने कोई 200000 टन हिंदूस्तानी गंदुम (गेहूं) की नई फ़सल ख़रीदी है और ख़रीद-ओ-फ़रोख़्त के मज़ीद मसौदों का इमकान है। आलमी क़ीमतों के असर को दुबारा चढ़ने और हिंदूस्तानी करंसी के कमज़ोर पड़ने की वजह से बरामदाती तिजारती

मशरिक़-ए-वुसता (middle east) ने कोई 200000 टन हिंदूस्तानी गंदुम (गेहूं) की नई फ़सल ख़रीदी है और ख़रीद-ओ-फ़रोख़्त के मज़ीद मसौदों का इमकान है। आलमी क़ीमतों के असर को दुबारा चढ़ने और हिंदूस्तानी करंसी के कमज़ोर पड़ने की वजह से बरामदाती तिजारती मुक़ाबला शुरू हो गया है।

ये इत्तिला आज अजनास के ताजिरों ने दी है। हिंदूस्तानी गेहूं का रुख पहले भी मशरिक़-ए-वुसता (मध्य पूर्व ) की तरफ़ था लेकिन अब इस में दिलचस्पी बढ़ जाएगी। ये ख़्याल सिंगापुर से सरगर्म अमल एक ताजिर ने ज़ाहिर किया है।

इस ताजिर के मुताबिक़ हिंदूस्तान और ऑस्ट्रेलियाई गेहूं के दरमयान यौमिया (रोज) कोई 30 ता 40 डालर का फ़र्क़ है जो बहुत ही पुरकशिश है। मशरिक़-ए-वुसता (मध्य पूर्व ) में हिंदूस्तानी गेहूं की पेशकश कोई 280 डालर फ़ी टन के हिसाब से है जिस में माल भाड़ा भी शामिल है।

दूसरी तरफ़ ऑस्ट्रेलियाई गेहूं की क़ीमत माल भाड़े के साथ 315 डालर फ़ी टन के क़रीब पहुंच जाती है।

 

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