हिंदू दहशतगर्द नही हो सकता: साध्वी ऋतंभरा

हिंदू दहशतगर्द नही हो सकता: साध्वी ऋतंभरा
अहमदाबाद, 19 मई: राममंदिर तहरीक से जुड़ी साध्वी ऋतंभरा ने कहा है कि उसूल ए मज़हबी ने हमेशा सियासत को सिम्त दी है, अयोध्या में राममंदिर की तामीर का रास्ता हमवार हुआ है जल्द ही इसकी तामीर भी होगी । भगवा दहशतगर्दी पर साध्वी ने कहा कि थोड़ी

अहमदाबाद, 19 मई: राममंदिर तहरीक से जुड़ी साध्वी ऋतंभरा ने कहा है कि उसूल ए मज़हबी ने हमेशा सियासत को सिम्त दी है, अयोध्या में राममंदिर की तामीर का रास्ता हमवार हुआ है जल्द ही इसकी तामीर भी होगी । भगवा दहशतगर्दी पर साध्वी ने कहा कि थोड़ी सी सियासी मुफाद के खातिर ऐसी बातें सामने आती है, हिंदू कभी दहशतगर्द फैलाने वाला नहीं हो सकता।

साध्वी ऋतंभरा ने कहा है कि हिंदू कभी दहशतगर्द नहीं हो सकता, सियासी मुफाद की वजह से कई बार ऐसे बयान आते हैं जो थोड़े से मुफाद के लिए दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि राममंदिर की तामीर होगी और वे आज भी इस तहरीक से जुड़ी हैं। बीजेपी के एजेंडे से राममंदिर मुद्दे के अंदर बाहर होने पर उनका कहना था कि इसका जवाब बीजेपी नेता ही दे सकते हैं साथ ही यह भी कहा कि यह मुद्दा सियासी नहीं है।

साध्वी ने कहा इंसान ने अपनी इंसानियत खो दिया है इसलिए आज लड़कियों के साथ गैर इंसानी बर्ताव हो रहा है। जिस मुआशरा ने ख़्वातीन व अखलाक की कद्र नहीं की उस मुआशरा की बरबादी तय है । उन्होंने कहा कि गैरइंसानी ज़ज़बात हिंदुस्तानी का ख्यालात नहीं है ।

साध्वी ने कहा कि घर व मुआशरे से बिछड़े बच्चों, ख़्वातीन व बूढ़ो को मुहब्बत व एहतेराम के साथ जीने का हक दिलाने के लिए ही वे वात्सल्य ग्राम चला रही हैं। वृंदावन, उत्तरांचल, मध्यप्रदेश और कोलकाता के बाद उनका पांचवां वात्सल्य ग्राम गुजरात के खेड़ा में कयाम होगा। हफ्ते के दिन सहाफियों को साध्वी ने बताया कि सरकारी बाल आश्रम, महिला आश्रम व वृद्धाश्रमों में बच्चों व ख़्वातीन को बदतर वाली ज़िंदगी गुजारनी पड़ रही है। छोटी से छोटी जरूरत के लिए भी उन्हें एक हद तक जाकर समझौता करना पड़ता है। ऐसे में वात्सल्य ग्राम अंधेरे में रोशनी की तरह है जो इस सामाजी मसले का हल कर सकता है।

गुजरात के खेड़ा में 150 हाउस वाला वात्सल्य ग्राम ( गाँव) बनेगा जो दो साल में बनकर तैयार हो जाएगा। इस गाँव में अनाथ, बेसहारा व मजबूर बुजुर्गो को एक खानदान की तरह रखा जाएगा जिनके बीच भले खून का रिश्ता ना हो लेकिन इंसानियत का रिश्ता ऐसा अटूट बन जाता है। वात्सल्य ग्राम में रहने, खाने, खेलने के अलावा स्कूल, अस्पताल व दूसरी सहूलियात भी होंगे।

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