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हिंदू बनकर नेशनल शूटर से रचाई शादी, जबरन मजहब बदलने के लिए दबाव

क़ौमी शूटर और मुतासीर तारा शाहदेव ने शौहर रंजीत कुमार कोहली पर गलत नाम का सहारा लेकर उससे शादी रचाने का इल्ज़ाम लगाया है। जबकि उसका असली नाम रकीबुल हसन है। तारा ने जुमा को कोतवाली डीएसपी दीपक कुमार अंबष्ठ के सामने अपना बयान दर्ज करा

क़ौमी शूटर और मुतासीर तारा शाहदेव ने शौहर रंजीत कुमार कोहली पर गलत नाम का सहारा लेकर उससे शादी रचाने का इल्ज़ाम लगाया है। जबकि उसका असली नाम रकीबुल हसन है। तारा ने जुमा को कोतवाली डीएसपी दीपक कुमार अंबष्ठ के सामने अपना बयान दर्ज कराया। उसने अपने बयान में कहा कि जब वह होटवार में शूटिंग की प्रैक्टिस के लिए जाती थी, तो पीली बत्ती लगे गाड़ी में विजिलेंस रजिस्ट्रार मुश्ताक अहमद (हाईकोर्ट में तकर्रुर), धनबाद डीएसपी, गढ़वा एसपी, सुजीत सिंह और रंजीत कुमार कोहली उर्फ रकीबुल हसन उसका प्रैक्टिस देखने आते थे।

इस दौरान इन अफसरों और रंजीत कुमार कोहली ने उसके दोस्तों के साथ बातचीत शुरू कर दी। बाद में तमाम उसके दोस्तों की शूटिंग राइफल लेकर फायरिंग भी करने लगे। यह सिलसिला तकरीबन 15 दिनों तक चलता रहा। इसी दौरान रंजीत की तारा के दो दीगर दोस्तों के साथ गहरी दोस्ती हो गई। वे काफी देर तक एक-दूसरे से बात करते थे। एक दिन रंजीत ने उसके दोस्तों से कहा कि तारा को कन्विन्स (दोस्ती बढ़ाने के लिए) करो, उसकी लाइफ बना दूंगा। इस दरमियान तमाम मुसलसल होटवार आते रहे।

15 दिनों के बाद रंजीत ने तारा को सबके सामने पसंद करने और शादी का परपोजल दे डाला। 14 जून को रंजीत कुमार कोहली ने उसे घर पर डिनर के लिए बुलाया। इसके ठीक एक दिन बाद 15 जून को मुश्ताक अहमद के इन्वाइट पर तारा उसके घर डिनर के लिए पहुंची। वहां रंजीत भी पहले से ही मौजूद था। उसने तारा को अंगूठी और कंगन पहना दिया और शादी की तारीख तय करने की बात कही। मौके पर मौजूद मुश्ताक ने भी तारा से कहा कि तुम दोनों साथ रहते तो अच्छा होता। इसके बाद 20 जून को मुश्ताक की मौजूदगी में दोनों की सगाई हुई और सात जुलाई को दोनों शादी के बंधन में बंध गए। इधर, नकली हिंदू बनकर शादी रचाने के मामले का खुलासा होने के बाद तारा के अहले खाना और कई तंजीम सड़क पर उतर आए हैं। मुखालिफत में जुमा को सड़क पर रकीबुल का पुतला फूंका गया।

सिविल कोर्ट अहाते में दिखे मुश्ताक

तारा शाहदेव का मामला सामने आने के बाद रजिस्ट्रार मुश्ताक अहमद जुमा को सिविल अदालत में दिखे। दोपहर डेढ़ बजे वह सीजेएम और प्रिन्सिपल जस्टिस की अदालत के पास देखे गए।

सीबीआई जांच कराने की मुताल्बा

तारा के अहले खाना, शिव सेना और दीगर तंजीम के ओहदेदारों ने वाकिया की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। तंजीम के कारकुनान जुमा को दाखला सेक्रेटरी एनएन पांडेय और डीजीपी राजीव कुमार से मिले। उन्हें मेमोरेंडम देकर वाकिया की जानकारी दी। मेमोरेंडम में कहा है कि महावीर टावर (ग्लिट्ज सिनेमा हाॅल के पीछे) के पास ब्लेयर अपार्टमेंट के फ्लैट में मुल्ज़िम रकीबुल का अदालत लगता था। वहां फोटो कॉपी मशीन, थैले में नकदी भी रहता था। इसकी जानकारी पड़ोस में रहनेवाले एक खानदान को है। इल्ज़ाम यह भी है कि रकीबुल के छोटे भाई ने भी हिंदू लड़की से शादी की है। नुमायंदगी में सुनील बर्मन, रिटायर्ड जज बीबी सिंह, विजय घोष, इंद्रजीत यादव, मुरारी, शशि, ऋषि शाहदेव शामिल थे।

ऐसे हुआ मामले का खुलासा

तारा ने कहा कि ससुराल में एक दिन वज़ीर हाजी हुसैन अंसारी के यहां से इफ्तार पार्टी का इन्वाइट मिला। जिसमें जनाब रकीबुल हसन खान के नाम का खिताब था। यह कार्ड भी तारा ने अदालत के हवाले किया है। तारा ने बताया कि उनके दरमियान दरार तब पैदा हुआ, जब नौ जुलाई को रंजीत 20-25 हाजी को लेकर घर पहुंच गया और जबरन मजहब बदलने के लिए दबाव देने लगा। इस दौरान मुखालिफत करने पर उसके साथ बुरी तरह मारपीट की गई। कई बार कुत्ते से कटवाया गया, ताकि वह डर से मजहब बादल ले।

तारा ने बताया कि रंजीत उर्फ रकीबुल हसन घर से रातभर गायब रहता था। वह अहले सुबह चार बजे आता था। वह क्या काम करता है, आज तक पता नहीं चल पाया। तारा के मुताबिक उसकी मेंहदी की रस्म होटल ऑर्किड और शादी होटल रेडिसन ब्लू में हुई थी। शादी के बाद रंजीत उसे मेन रोड वाकेय महावीर टावर के पीछे ब्लेयर अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर आर-05 में लेकर रहता था। हासिल जानकारी के मुताबिक मौजूदा में रंजीत अपनी जाईफ वालिदा के साथ फरार है।

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