Wednesday , December 13 2017

हिंद। पाक बातचित‌, सियाचिन मसले के हल में नाकामी

* दुनिया के बलंद तरीन मैदान-ए-जंग से फ़ौज हटाने पर ज़ोर , अगली बातचित नई दिल्ली में होंगी, दोनों ग्रुपों का ब‌यान

* दुनिया के बलंद तरीन मैदान-ए-जंग से फ़ौज हटाने पर ज़ोर , अगली बातचित नई दिल्ली में होंगी, दोनों ग्रुपों का ब‌यान

ईस्लामाबाद । हिंदूस्तान और पाकिस्तान सियाचिन पर फ़ौजी तात्तुल और रसाकशी को ख़तम‌ करने में आज नाकाम होगए और दोनों मुल्कों ने दुनिया के इस बलंद तरीन मैदान-ए-जंग के मसले का एक दोस्ताना हल तलाश करने के लिए संजीदा, पायदार और नतीजाख़ेज़ कोशिशें जारी रखने का अह्द किया।

मसला सियाचिन पर ईस्लामाबाद में दो रोज़ा बातचीत के पुरा होने के बाद जारी किये गए दोनों ग्रुपों के ब‌यान में कहा गया कि दोनों ग्रुपों ने सियाचिन का दोस्ताना हल तलाश करने के लिए संजीदा, पायदार और नतीजाख़ेज़ कोशिशें जारी रखने का अह्द दुहराया है। आपसी ब्यान में कहा गया कि तमाम पुराने मस्लों को जल्द से जल्द हल करने के लिए दोनों मुल्कों की क़ियादतों की ख़ाहिश को सामने रखते हुए मसला सियाचिन पर बातचित‌ जारी रखने से इत्तिफ़ाक़ किया गया है।

दोनों मुल्कों ने तौसीक़ की कि (सियाचिन पर) जंग बंदी 2003 से लागु है। इन दोनों मुल्कों ने इस बात से भी इत्तिफ़ाक़ कर लिया। सिफ़ारती तरीकों से आपसी एक्ता तवारीख़ पर सियाचिन बातचित‌ का अगला मरहला नई दिल्ली में मुनाक़िद होगा।

पाकिस्तानी रक्षा सेक्रेटरी नर्गिस सेठी ने अपने हिंदूस्तानी हम मंसब शशी कांत शर्मा की क़ियादत में हिंदूस्तानी वफ़द से बातचीत के बाद कहा कि ईस्लामाबाद चाहता हैकि दोनों ग्रुप‌ सियाचिन से एक साथ‌ अपनी फ़ौज वापिस बुलालें।

मिस्टर नर्गिस सेठी ने कहा कि बर्फ़ीली चोटियों पर फ़ौज की तैनाती से क़ुदरती माहौल पर असर पड रहा है और इस मसले पर बातचीत के अमल को और जयादा तेज़ किया जाना चाहीए। दोनों मुल्कों के सिफ़ारती और सरकारी ज़राए(सुत्रो) ने पी टी आई से कहा कि बातचीत के दौरान दोनों ग्रुपों ने अपना मौक़िफ़ ब्यान किया और पहले बयान किये गए मौक़िफ़ को दुबारा दुहराया।

सुत्रो ने कहा कि बातचित‌ के दूसरे दिन का बड़ा हिस्सा दोनों ग्रुपों के मिलाजुला ब‌यान तैयार करने में गुज़र गया। इस‌ ब‌यान में कहा गया कि दोस्ताना और ख़ुशगवार माहौल में बातचीत हुई। पाकिस्तानी मीडीया रिपोर्टस के मुताबिक़ ईस्लामाबाद ने सियाचिन की बर्फ़ानी चोटियों को फ़ौज से पाक-साफ़ रखने और 1984 के ठिकानों के मुताबिक़ फ़ौज को पीछे हटाया जाये।

पाकिस्तानी वफ़द ने और‌ कहा कि 1989 और 1992 में की गई बातचीत की रोशनी में मसला सियाचिन को हल किया जाये। हिंदूस्तानी हुकूमत ने वाज़िह किया कि किसी भी ह‌ल में सियाचिन पर मौजूद फ़ौजी ठिकानों और मौक़िफ़ की सही तौसीक़ की जाये और पैमाइश के बाद निशान लगाया जाये।

इस बर्फ़ानी चोटी से फ़ौज को हटाए जाने के बाद पाकिस्तानी फ़ौज की तरफ‌ से फ़ौज की दुबारा इमकानी तैनाती को नाकाम बनाने के लिए हिंदूस्तान ने ये राय‌ रखी है। पाकिस्तान के वज़ीर-ए-दिफ़ा (रक्षा मंत्री)सईद क़मर ने अंग्रेज़ी अख़बार दी नेशन से कहा कि दोनों ग्रुपों ने इस हक़ीक़त को महसूस किया है कि टकराव‌ के दोनों मुल्कों पर बहुत बुरे असर पडेंगे, जिस से मआशी और समाजी तरक़्क़ी पर असर पडेगा।

उन्हों ने कहा कि इस इलाके में तरक़्क़ी और ख़ुशहाली के लिए शांती ही एक बडा हल है। हिंदूस्तान और पाकिस्तान को चाहीए कि वो शांती कि कोशिशें जारी रखें ताकि बदगुमानियों को ख़त्म‌ करते हुए कोशीशें जारी रखी जा सके। आपस मे एक दुसरे कि मदद‌ ही कामयाबी की अहम कुंजि है।

मिस्टर क़मर ने कल‌ हिंदूस्तानी वफ़द से बातचीत के दौरान हिंदूस्तान और पाकिस्तान के दरमयान तमाम मसलों को दोस्ताना अंदाज़ में हल करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया था।

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