Wednesday , December 13 2017

हिंद ,अमरीका ,अफ़्ग़ानिस्तान मुज़ाकरात (बातचीत) से इत्तिफ़ाक़

हिंदुस्तान और अमरीका ने अफ़्ग़ानिस्तान के साथ सहफ्रीकी (तिन पक्षीय) मुज़ाकरात (बातचीत) से इत्तिफ़ाक़ करते हुए कहा कि इस से जंग ज़दा मुल़्क की तरक़्क़ी की राहें तलाश की जा सकें गी जिन में ज़राअत (कृषि) , कानकनी , बर्क़ी तवानाई (बिजली),

हिंदुस्तान और अमरीका ने अफ़्ग़ानिस्तान के साथ सहफ्रीकी (तिन पक्षीय) मुज़ाकरात (बातचीत) से इत्तिफ़ाक़ करते हुए कहा कि इस से जंग ज़दा मुल़्क की तरक़्क़ी की राहें तलाश की जा सकें गी जिन में ज़राअत (कृषि) , कानकनी , बर्क़ी तवानाई (बिजली), फ़रोग़ सलाहियत और इनफ़रास्ट्रक्चर के शोबा (क्षेत्र) भी शामिल हैं।

हिलारी क्लिन्टन ने कहा कि हम रस्मी सहफ्रीकी (त्रिपक्षीय) मुशावरत (बात-चीत) में पेशरफ़्त से इत्तिफ़ाक़ करते हैं जिस में तीनों ममालिक (देश) हिंदुस्तान , अफ़्ग़ानिस्तान और अमरीका शिरकत करेंगे ।

वज़ीर ख़ारिजा (विदेश मंत्री) एस एम कृष्णा हिंद – अमरीका दिफ़ाई (रक्षा) मुज़ाकरात (बातचीत) में शिरकत कर रहे थे जिन का कल इख़तताम हुआ। मुज़ाकरात (बातचीत) के इख़तताम पर एक मुशतर्का (साझा) बयान अमरीका और हिंदुस्तान के वुज़राए ख़ारिजा (विदेश मंत्रीयों) ने जारी किया जिस में कहा गया है कि दोनों ममालिक (देश) मवाक़े (opportunities ) का पता चलाने के लिए अफ़्ग़ानिस्तान की तरक़्क़ी को फ़रोग़ (बढ़ावा ) देने मुशतर्का (साझा) तौर पर जद्द-ओ-जहद करेंगे ।

कानकनी , ज़राअत (कृषि) , बर्क़ी तवानाई (बिजली) , तामीरी सलाहियत और इनफ़रास्ट्रक्चर के शोबों (क्षेत्रों) मेंअफ़्ग़ानिस्तान की मदद की जाएगी । जारीया (इसी) माह के अवाख़िर (अंत) में हिंदुस्तान पहली बार एक बैन एल-अक़वामी (अंतर्राष्ट्रीय) सरमाया कारों (निवेशकों) के इजलास (सम्मेल) की जो अफ़्ग़ानिस्तान के मौज़ू पर मुनाक़िद (आयोजित) होगा नई दिल्ली में मेज़बानी करेगा ।

वज़ीर ख़ारिजा (विदेश मंत्री) अमरीका हिलारी क्लिन्टन ने प्रेस कान्फ़्रैंस में कहा कि हम हिंदुस्तान की अफ़्ग़ानिस्तान अवाम के मुस्तक़बिल की तामीर से दिलचस्पी की सताइश (तारीफ) करते हैं । हिंदुस्तान 2 अरब अमरीकी डालर से ज़्यादा इमदाद (मदद) तरक्कियाती प्रोग्रामों के लिए अफ़्ग़ानिस्तान को फ़राहम करेगा ।

शाहराह-ए-रेशम के एहया के इक़दामात (उपाय) किए जाएंगे । सरमाया कारों (निवेशकों) की चोटी कान्फ़्रैंस की मेज़बानी से सियानत , तरबियत और ताईद अफ़्ग़ानिस्तान को हासिल होगी ।

हिलारी क्लिन्टन ने इज़हार मुसर्रत किया कि अफ़्ग़ानिस्तान को इस किस्म की हौसला अफ़्ज़ाई और ठोस इमदाद (मदद) हासिल हो रही है । सिर्फ इस लिए कि हर एक को अफ़्ग़ानिस्तान को जल्द अज़ जल्द एक महफ़ूज़ और मुस्तहकम मुल्क बनाने से दिलचस्पी है ।

एस एम कृष्णा ने कहा कि हिंदुस्तान ने अफ़्ग़ानिस्तान में हमेशा तामीरी (Creative) किरदार अदा किया है क्यूँ की अफ़्ग़ानिस्तान हिंदुस्तान का सब से बड़ा पड़ोसी मुल्क है ।

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