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हिंद – अमरीका तआवुन के अज़ीम मौक़े मौजूद

हिंद - अमरीका बिज़नस कौंसल के ज़ेर-ए-हतेमाम 38 वीं सालाना क़ियादत चोटी कान्फ़्रैंस में चिदम़्बरम का कलीदी ख़ुतबा

हिंद – अमरीका बिज़नस कौंसल के ज़ेर-ए-हतेमाम 38 वीं सालाना क़ियादत चोटी कान्फ़्रैंस में चिदम़्बरम का कलीदी ख़ुतबा
वाशिंगटन 13 जुलाई (पी टी आई) अमरीकी और हिन्दुस्तानी शोबा तिजारत से पुरज़ोर अपील करते हुए मर्कज़ी वज़ीर फाईनानस पी चिदम़्बरम ने दोनों ममालिक की ताजिर बिरादरी से अपील की कि अपने बिज़नस को सियासी रंग ना दें।वो 38 वीं सालाना क़ियादत चोटी कान्फ़्रैंस में कलीदी ख़ुतबा दे रहे थे जिस का एहतेमाम हिंद – अमरीका बिज़नस कौंसल की जानिब से किया गया था। चिदम़्बरम ने कल कहा था कि हिन्दुस्तान को बढ़ती हुई आबादी के चैलेंज का सामना है जिसकी वजह से ग़ुर्बत में इज़ाफ़ा होरहा है।

हिन्दुस्तान को अपनी मईशत की एक एक ईंट जोड़ कर तामीर करनी है। चिदम़्बरम ने कहा था कि हिन्दुस्तान की मआशी इस्लाहात के नतीजे में कई हिन्दुस्तानी कंपनीयां अपने मुक़ाम और जसामत में इज़ाफ़ा करचुकी हैं और अमरीकी कंपनीयों से मुसाबक़त में आगई हैं। उसकी वजह से हिन्दुस्तानी और अमरीकी ताजिर बिरादरीयों में मुसाबक़त शुरू होगई है। उन्होंने कहा कि मुसाबक़त ही आज़ाद बाज़ारों और आज़ाद मईशत की बुनियाद होती है। बिज़नस के शोबे में रक़ाबत को सियासी रंग नहीं दिया जाना चाहीए।

इस लिए वो इन सब से अपील करते हैं कि बाहमी इश्तिराक से अज़ीम मौक़े से इस्तिफ़ादा करें। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान एक ऐसा मुल्क है जो एक एक ईंट जोड़ कर अपनी मईशत तामीर कररहा है और इस अमल में उसे अमरीका की मदद की ज़रूरत है।उनके क़ारईन में कई बड़ी कंपनीयों के ऐगज़ीक्यूटिवज़ और हिन्दुस्तान और अमरीका के अरकान मुक़न्निना शरीक थे। चिदम़्बरम ने कहा कि हमारी कारकर्दगी मज़ीद बेहतर होसकती है अगर हम इश्तिराक-ओ-तआवुन के ज़रीये काम करें।

उन्होंने पूरे ख़ुलूस के साथ उमीद ज़ाहिर की कि आज का इजलास और मुस्तक़बिल में हिन्दुस्तान और अमरीका को ख़ुशहाल मुआशरे में तबदील करने के और भी ज़्यादा मौक़े हासिल होंगे।चिदम़्बरम गुज़िश्ता तीन दिन से अमरीका के दौरे पर हैं जिस के दौरान उनकी मुलाक़ात आला सतही अमरीकी ऐगज़ीक्यूटिवज़, अरकान मुक़न्निना और सरकारी ओहदेदारों से मुक़र्रर है। जामि इमिग्रेशन इस्लाहात की पालिसी पर जिसकी मंज़ूरी अमरीकी सनीट ने की है, अंदेशे ज़ाहिर करते हुए चिदम़्बरम ने कहा कि उसको आसान बनाने की कोशिश होना चाहीए।

उन्होंने कहा कि वो सरकारी ओहदेदारों, अरकान सनीट, अरकान अमरीकी कांग्रेस से इस क़ानून के बारे में बातचीत करचुके हैं और वो उन की तशवीश को अच्छी तरह समझते हैं। चिदम़्बरम ने हिन्दुस्तान की इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी पालिसी बिशमोल लाज़िमी लाईसैंस पालिसी की भरपूर मुदाफ़अत की और कहा कि हिन्दुस्तान दुनिया का वसीअ तरीन मुल्क है और उसको इंसिदाद ग़ुर्बत के चैलेंज का सामना है।उन्होंने यक़ीन ज़ाहिर किया कि हिन्दुस्तान इंसिदाद ग़ुर्बत में कामयाब होजाएगा

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