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हिंद-इराक़ बाहमी रवाबित में वुसअत से इत्तेफ़ाक़

बग़दाद, 21 जून: (पी टी आई) हिंदुस्तान और इराक़ ने ख़रीदने वाले और बेचने वाले रवाबित से आगे बढ़ते हुए उसे वुसअत देने से इत्तेफ़ाक़ किया है। सलमान ख़ुरशीद हिंदुस्तान के पहले वज़ीर‍ ए‍ ख़ारेजा हैं जिन्होंने 23 साल के तवील अर्से बाद इस जंग ज़दा

बग़दाद, 21 जून: (पी टी आई) हिंदुस्तान और इराक़ ने ख़रीदने वाले और बेचने वाले रवाबित से आगे बढ़ते हुए उसे वुसअत देने से इत्तेफ़ाक़ किया है। सलमान ख़ुरशीद हिंदुस्तान के पहले वज़ीर‍ ए‍ ख़ारेजा हैं जिन्होंने 23 साल के तवील अर्से बाद इस जंग ज़दा मुल्क का दौरा किया है।

उन्होंने यहां वज़ीर-ए-आज़म नूर अलमालिकी के इलावा अपने हम मंसब होशियार ज़ुबैरी से मुलाक़ात की। दोनों वुज़राए ख़ारेजा ने मुशतर्का प्रेस कान्फ्रेंस से ख़िताब करते हुए हिंद इराक़ बाहमी रवाबित के अहया और इसे मुस्तहकम बनाने से इत्तेफ़ाक़ किया।

उन्होंने कहा कि ये ताल्लुक़ात एक ख़रीदने वाले और बेचने वाले तक महिदूद ( सिमित) नहीं होना चाहीए। वाज़िह रहे कि हिंदुस्तान इराक़ी तेल का एक बड़ा ख़रीदार है। हुकूमत इराक़ ने इस बात की तमानीयत दी है कि मुस्तक़बिल में भी वो हिंदुस्तान की तेल की ज़रूरीयात को पूरा करता रहेगा।

इस के साथ साथ दोनों ममालिक ने तवानाई के शोबा में बाहमी तआवुन को वुसअत देने का फ़ैसला किया है। इराक़ में सेक्युरिटी सूरत-ए-हाल के मुताल्लिक़ हिंदुस्तान की तशवीश को दूर करते हुए वज़ीर‍ ए‍ ख़ारेजा होशियार ज़ुबैरी ने कहा कि मुल्क के कई हिस्से पुरअमन और महफ़ूज़ हैं।

उन्होंने कहा कि हम हिंदुस्तानी कंपनीयों को इन इलाक़ों जैसे जुनूबी इराक़ में सरमायाकारी की दावत देते हैं। उन्होंने कहा कि वो इस बात से इत्तिफ़ाक़ करते हैं कि हालात पूरी तरह मामूल पर नहीं आए हैं लेकिन हर तिजारत में किसी क़दर जोखिम भी रहता है और हम इसके मुतहम्मिल भी हो सकते हैं।

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