Wednesday , December 13 2017

हिंद का न्यूक्लियर असलहा पर अक़वामे मुत्तहिदा क़रारदाद के ख़िलाफ़ वोट

हिंदुस्तान ने अमरीका के साथ मिलकर अक़वामे मुत्तहिदा जेनरल असेंबली की एक क़रारदाद की मुख़ालिफ़त की जिस में नई दिल्ली से अपने न्यूकलीयाई हथियारों को रज़ाकाराना तौर पर तर्क कर देने पर ज़ोर दिया गया है। इस क़रारदाद में इसराईल और पाकिस्ता

हिंदुस्तान ने अमरीका के साथ मिलकर अक़वामे मुत्तहिदा जेनरल असेंबली की एक क़रारदाद की मुख़ालिफ़त की जिस में नई दिल्ली से अपने न्यूकलीयाई हथियारों को रज़ाकाराना तौर पर तर्क कर देने पर ज़ोर दिया गया है। इस क़रारदाद में इसराईल और पाकिस्तान को भी निशाना बनाया गया और उसे आख़िरकार ज़बरदस्त अक्सरियत के साथ मंज़ूर कर लिया गया।

अमरीका इस क़रारदाद के एक कलीदी हिस्सा के ख़िलाफ़ वोट देने में हिंदुस्तान के साथ शामिल हो गया, जो न्यूक्लियर हथियारों से पाक दुनिया के हुसूल से मुताल्लिक़ है और जिस ने हिंदुस्तान, इसराईल और पाकिस्तान को ग़ैर न्यूक्लियर असलहा वाली मुमलकतों की हैसियत से न्यूकलीयाई अदम फैलाव मुआहिदा (एन पी टी) की ग़ैर मशरूत तौर पर तामील कर लेने पर ज़ोर दिया है।

और ये भी कहा है कि वो अपने तमाम न्यूक्लियर मराकज़ को बैनुल अक़वामी ऐटमी तवानाई एजेंसी (आई ए ई ए) के हिफ़ाज़ती म्यारात के तहत लाएं। हिंदुस्तान और अमरीका के साथ बर्तानिया, रूस, इसराईल और शुमाली कोरिया ने मिलकर न्यूक्लियर हथियार से पाक दुनिया फ़रोग़ देने के तएं काम करने से मुताल्लिक़ क़रारदाद को उस की मजमूई शक्ल के ख़िलाफ़ वोट दिया।

लेकिन उसे भी 169 वोटों की अक्सरियत से मंज़ूर कर लिया गया जबकि चीन, पाकिस्तान, भूटान, माईक्रोनेशिया और पलाव वोटिंग से दूर रहे।

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