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हिंद – पाक की तारीख़ में नया बाब लिखने का वक़्त आगया- मनमोहन सिंह

अड्डो ( मालदीप ) 11 नवंबर ( पी टी आई ) ये ऐलान करते हुए कि दोनों मुल्कों की तारीख़ में एक नए बाब को रक़म करने का वक़्त आगया है वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह ने आज कहा कि हिंदूस्तान पाकिस्तान के साथ तरजीहै तिजारती मुआहिदा की सिम्त पेशरफ़्त करेग

अड्डो ( मालदीप ) 11 नवंबर ( पी टी आई ) ये ऐलान करते हुए कि दोनों मुल्कों की तारीख़ में एक नए बाब को रक़म करने का वक़्त आगया है वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह ने आज कहा कि हिंदूस्तान पाकिस्तान के साथ तरजीहै तिजारती मुआहिदा की सिम्त पेशरफ़्त करेगा क्योंकि दोनों मुल्कों ने इस बात से इत्तिफ़ाक़ किया है कि बाहमी तिजारत को इंतिहाई पसंदीदा मुल़्क की बुनियाद पर आगे बढ़ाया जाएगा ।

डाक्टर मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के वज़ीर-ए-आज़म मिस्टर यूसुफ़ रज़ा गिलानी के माबैन यहां मालदीप में एक घंटा तवील मुलाक़ात हुई । इस मुलाक़ात के दौरान ये भी फ़ैसला किया गया कि दोनों मुल्कों के माबैन वीज़ा की इजराई के तरीका-ए-कार को जल्द अज़ जल्द आसान बनाया जाएगा और हिंद । पाक मुशतर्का कमीशन का भी अहया अमल में लाया जाएगा जो 2005 से ग़ैर कारकरद है ।

हिंद । पाक के वुज़राए आज़म ने 2010 में सार्क चोटी कान्फ़्रैंस मुनाक़िदा थिम्पू में मुलाक़ात के दौरान बातचीत के अहया का फ़ैसला किया था । इस मुलाक़ात के बाद आज की मुलाक़ात दोनों क़ाइदीन के माबैन तीसरी मुलाक़ात रहै थी जिस में बाहमी बातचीत को नई सतह तक लेजाने का फ़ैसला किया गया है । गदशता तीन बरसों में दोनों वुज़राए आज़म कई मौक़ों पर मुलाक़ात करचुके हैं ।

दोनों क़ाइदीन ने यहां बहैरा हिंद के किनारे वाक़्य शानगरीला रेसॉर्ट में बातचीत की । सब से पहले दोनों की तस्वीरें बनवाई गईं इस के बाद दोनों ममालिक के वफ़ूद बातचीत में शामिल होगए । बातचीत में वुज़राए ख़ारिजा मोतमिदिन ख़ारिजा और दूसरे भी शामिल रहे । इस के बाद दोनों क़ाइदीन ने एक दूसरे से अलैहदगी में तक़रीबन एक घंटा तक बातचीत की । बातचीत के दौरान माहौल बेहतरीन रहा जब डाक्टर मनमोहन सिंह ने कहा कि वो हमेशा है मिस्टर यूसुफ़ रज़ा गिलानी को अमन पसंद शख़्सियत समझते हैं और दोनों ममालिक पहले है ग़ैर ज़रूरी मुबाहिस में काफ़ी वक़्त गंवा चुके हैं।

उन्हों ने कहा कि अब वक़्त आगया है कि दोनों मुल्कों की तारीख़ में एक नए बाब को रक़म करने का वक़्त आगया है और अब इल्ज़ामात और जवाबी इल्ज़ामात का दौर पसेपुश्त चला जाना चाहैए । डाक्टर मनमोहन सिंह ने इस मुलाक़ात के बाद सहाफ़ीयों से बातचीत करते हुए कहा कि वो इस बात से ख़ुश हैं कि मिस्टर गिलानी ने इस ख़्याल से पूरी तरह इत्तिफ़ाक़ किया है कि दोनों ममालिक को एक बेहतरीन मौक़ा दस्तयाब हुआ है इस लिए आइन्दा दौर की बातचीत तामीरी और नताइज पर मबनी होनी चाहैए ताकि ये ममालिक मज़ीद एक दूसरे से क़रीब आजाऐं। उन्हों ने कहा कि इन का ये तास्सुर गुज़शता तीन बरसों में मज़ीद मुस्तहकम हुआ है कि मिस्टर गिलानी अमन पसंद शख़्सियत हैं।

वज़ीर-ए-आज़म ने कहा कि थिम्पू में शुरू हुई बातचीत के मुसबत नताइज सामने आए हैं ताहम मज़ीद बहुत कुछ किया जाना बाक़ी है । उन्हों ने कहा कि हम ने इस उम्मीद के साथ बातचीत के आग़ाज़ का फ़ैसला किया है कि ऐसे तमाम मसाइल पर पूरी संजीदगी के साथ बातचीत की जाएगी जिन की वजह से दोनों ममालिक के ताल्लुक़ात मुतास्सिर हुए हैं और इस बात की कोशिश की जाएगी कि बातचीत को समरावर बनाया जा सके । उन्हों ने कहा कि दोनों ममालिक की क़िस्मत एक दूसरी से बहुत मरबूत है । मिस्टर गिलानी ने अपने रिमार्कस में कहा कि उन्हों ने डाक्टर सिंह के साथ हिंदूस्तान-ओ-पाकिस्तान केलिए एहमीयत के हामिल तमाम मसाइल पर बातचीत की है ।

उन्हों ने कहा कि हम ने तमाम मसाइल बिशमोल एहमीयत के हामिल मसाइल पर बातचीत की है । वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह खुले ज़हन के साथ थे और उन्हों ने तमाम ख़्यालात का इज़हार किया है और कहा कि वो तमाम मसाइल पर बातचीत केलिए तैय्यार हैं। मिस्टर गिलानी ने कहा कि एहमीयत के हामिल मसाइल बिशमोल पानी की तक़सीम दहश्तगर्दी सर क्रैक सियाचीन तिजारत और कश्मीर पर तबादला-ए-ख़्याल हुआ है । उन्हों ने कहा कि इन के ख़्याल में आइन्दा दौर की बातचीत मज़ीद तामीरी मज़ीद मुसबत होगी और इस से दोनों मुल्कों की तारीख़ में एक नए दौर का आग़ाज़ होगा । उन्हों ने अक़वाम-ए-मुत्तहिदा सलामती कौंसल में ग़ैर मुस्तक़िल नशिस्त केलिए पाकिस्तान के दावे की ताईद और योरोपी मार्किट में दाख़िला की कोशिशों की हिमायत पर हिंदूस्तान से इज़हार-ए-तशक्कुर किया है ।

इस मुलाक़ात के ताल्लुक़ से सहाफ़ीयों को वाक़िफ़ करवाते हुए मोतमिद ख़ारिजा मिस्टर रंजन मथाई ने कहा कि वज़ीर-ए-आज़म ने दहश्तगर्दी के मसला को तरजीहै अंदाज़ में पेश किया है और अब ये मसला ख़ुद पाकिस्तान को भी मुतास्सिर कर रहा है । उन्हों ने कहा कि वज़ीर-ए-आज़म ने कहा कि ये बहुत ज़रूरी है कि मुंबई पर हमला करने वालों को कैफ़र-ए-किर्दार तक पहूँचा या जाय । मिस्टर गिलानी ने भी मुसबत जवाब दिया और कहा कि दहश्तगर्दी से मुशतर्का मुक़ाबला केलिए हर मुम्किना इक़दामात किए जाऐंगे । वज़ीर-ए-आज़म ने मुंबई हमला केस के सिलसिला में अदालती कमीशन रवाना करने की तजवीज़ का हवाला दिया और कहा कि हिंदूस्तान इस पर जलदी है जवाब देगा ।

उन्हों ने कहा कि दोनों मुल्कों की ये ज़िम्मेदारी है कि दहश्तगर्दी की वजह से बाहमी ताल्लुक़ात मुतास्सिर नहीं होंगे और दोनों मुल्कों को तामीरी एजंडा के साथ आगे बढ़ना चाहैए । उन्हों ने कहा कि दोनों वुज़राए आज़म ने इस ख़्याल से इत्तिफ़ाक़ किया कि दहश्तगर्दी की वजह से इलाक़ा के अमन-ओ-इस्तिहकाम को संगीन ख़तरा लाहक़ है और इस सिलसिला में डाक्टर सिंह ने मोतमिद यन ख़ारिजा सतह की आइन्दा मुलाक़ात की एहमीयत को उजागर किया । बातचीत के आग़ाज़ के फ़ैसले की याददेहानी करवाते हुए डाक्टर सिंह ने कहा कि इस वक़्त यहै बात ज़हन में थी कि दोनों मुल्कों केलिए अदम मुख़ालिफ़त का माहौल ज़रूरी है और इल्ज़ामात-ओ-जवाबी इल्ज़ामात के दौर को पीछे छोड़ दिया जाना चाहैए ।

दोनों वुज़राए आज़म ने फ़ैसला किया है कि हिंद । पाक मुशतर्का कमीशन का अहया अमल में लाया जाएगा जो 2005 से मुलाक़ात नहीं करसका है । उन्हों ने इस बात से भी इत्तिफ़ाक़ किया कि लाईन आफ़ कंट्रोल पर तिजारती सहूलयात की फ़राहमी केलिए मोतमिद यन ख़ारिजा ने जो फ़ैसला किया था इस पर बसरात अमल आवरी की जानी चाहैए । तिजारत-ओ-मआशी ताल्लुक़ात के इस दौर में दोनों वुज़राए आज़म ने इस बात से इत्तिफ़ाक़ किया कि दोनों मुल्कों के माबैन तिजारत को मामूल पर लाने की कोशिशें तेज़ की जाएंगी । बाहमी तिजारत पसंदीदा मुल़्क की बुनियाद पर की जाएगी और सारे जुनूबी एशियाई इलाक़ा में तिजारत को साफ्टा के तहत लाया जाएगा ।

मिस्टर रंजन मथाई ने डाक्टर मनमोहन सिंह का ये कहते हुए भी हवाला दिया कि हम पाकिस्तान के साथ तरजीहै तिजारती मुआहिदा को भी क़तीअत देंगी। वाज़िह रहे कि पाकिस्तान ने हाल है में हिंदूस्तान को तिजारत में इंतिहाई पसंदीदा मुलक क़रार दिया है । मिस्टर मथाई ने कहा कि दोनों वुज़राए आज़म का मुत्तफ़िक़ा ख़्याल था कि दोनों मुल्कों के अवाम बाहमी ताल्लुक़ात में इंतिहाई एहमीयत के हामिल हैं और अवामता अवाम सक़ाफ़्ती राबतों को फ़रोग़ दिया जाना चाहैए । इस सिलसिला में ये फ़ैसला किया गया है कि वीज़ों की इजराई के अमल को बहुत जल्द आसान बनाया जाना चाहिए।

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