Tuesday , December 12 2017

हिंद-पाक नए वीज़ा मुआहिदा (समझौता) पर दस्तख़त

ज़हीर उद्दीन अली खान--हिंदूस्तान और पाकिस्तान ने आज नए आज़ादाना (स्वतन्त्र ) वीज़ा मुआहिदा (समझौता) और सक़ाफ़्ती तबादलों के मुआहिदों पर दस्तख़त करते हुए अवाम से अवाम के राबते में पेशरफ़्त को क़तईयत (मंजूरी) दे दी लेकिन मुंबई दहश्त

ज़हीर उद्दीन अली खान–हिंदूस्तान और पाकिस्तान ने आज नए आज़ादाना (स्वतन्त्र ) वीज़ा मुआहिदा (समझौता) और सक़ाफ़्ती तबादलों के मुआहिदों पर दस्तख़त करते हुए अवाम से अवाम के राबते में पेशरफ़्त को क़तईयत (मंजूरी) दे दी लेकिन मुंबई दहश्तगर्द हमलों के केस पर हिंदूस्तान की तशवीश (संदेह) के सिलसिला में कोई राह नहीं निकाली गई ।

पाकिस्तान ने हिंदूस्तान को सिर्फ इतना ही तैक़ुन दिया कि वो अपने क़वानीन के मुताबिक़ मुंबई दहश्तगर्द हमलों के ख़ातियों को इंसाफ़ के कटहरे में लाएगा । पाकिस्तान ने कहा कि हम भी मुंबई क़तल-ए-आम के वाक़िया को फ़रामोश नहीं किए हैं और ये हमले समझौता एक्सप्रेस का इंतिक़ामी जैसे को तैसा कार्रवाई नहीं समझे जा सकते ।

वज़ीर आज़म मनमोहन सिंह के दौरा के लिये पाकिस्तान की आला क़ियादत (उच्च नेत्रित्व ) की जानिब से दावत के इआदा के बावजूद हिंदूस्तान ने इस दौरा के बारे में कोई तबसरा नहीं किया अलबत्ता कहा कि दौरा की तवारीख़ को क़तईयत (मंजूरी) देना पी एम ओ का काम है दौरा की तफ़सीलात भी पी एम ओ ही तैय करता है ।

वज़ीर ख़ारिजा (विदेश मंत्री) एस एम कृष्णा ने इस बारे में सिर्फ इतना कहा कि वज़ीर आज़म के दौरा के लिये मुनासिब फ़िज़ा-ए-और ख़ातिर ख़वाह नताइज का बरामद होना ज़रूरी है । सदर-ए-पाकिस्तान आसिफ़ अली ज़रदारी ने तमाम हिंदूस्तानी माही ग़ीरों को फ़ौरी रेहा कर देने का ऐलान किया ।

इन में वो माही गीर भी शामिल हैं जिन्हों ने अपनी मीआद पूरी नहीं की है । पाकिस्तान ने इस इक़दाम (कदम) को वज़ीर ख़ारिजा (विदेश मंत्री)एस एम कृष्णा के दौरा पर ख़ैर सगाली जज़बा से ताबीर किया । एस एम कृष्णा और उन की पाकिस्तानी हम मंसब हिना रब्बानी खुर ने दहश्तगर्दी , जम्मू-ओ-कश्मीर और सियाचिन के बिशमूल तमाम बाहमी (दो तरफी) मसाइल (समस्या ) पर आख़िरी मरहला की मुज़ाकरात (बात-चीत) का जायज़ा लिया ।

आसिफ़ अली ज़रदारी ने हिंदूस्तानी कैदी सरबजीत सिंह के बारे में कहा कि हम इस कैदी की रिहाई के बारे में ग़ौर कर रहे हैं क्यों कि इस ने 20 साल से ज़ाइद जेल में सज़ा काटी है । इस सिलसिला में बहुत जल्द कोई मुसबत फैसला किया जाएगा । एस एम कृष्णा ने वज़ीर ख़ारिजा (विदेश मंत्री) पाकिस्तान के साथ मुस्तक़बिल के मुज़ाकरात (बात-चीत) के लिये एक रोड मैप को भी वज़ा किया है ।

नए ज़मुरा I के तहत विज़ीटर वीज़ा जारी किया जाएगा और ये 5 मुख़तस करदा मुक़ामात के लिए होगा। ये वीज़ा सीनीयर सिटीज़नस (65 साल से ज़ाइद) , किसी शहरी के शरीक सफ़र (साथ में सफर करने वाले) और 12 साल से कम उमर बच्चों के लिए होगा और इस की मीयाद (समय सीमा) दो साल तक होगी। नया ग्रुप टूरिस्ट वीज़ा कम अज़ कम 10 अफ़राद और ज़्यादा से ज़्यादा 50 अफ़राद के लिए जारी किया जाएगा और ये 30 दिन के लिए कारआमद (वैलिड) रहेगा।

इस के लिए दोनों हुकूमतों की जानिब से रजिस्टर्ड टूर आपरेटर्स के ज़रीया दरख़ास्त देना होगा। ग्रुप टूरिस्ट वीज़ा की सहूलत भी ऐसे तलबा (स्टुडेंट्स) को दस्तयाब रहेगी जो दोनों ममालिक (देशों) के तालीमी इदारों (शैक्षिणिक संस्थानों) से वाबस्ता हों। ताहम (लेकिन) ये सिर्फ़ टूरिस्ट वीज़ा होगा और दोनों ममालिक (देशों) के तालीमी इदारों (शैक्षिणिक संस्थानों) में दाख़िला नहीं लिया जा सकता।

बिज़नस वीज़ा के लिए दो ज़ुमरे रखे गए हैं। ऐसे ताजिर (व्यावसायिक) जिन की आमदनी पाकिस्तानी करंसी में निस्फ़ मिलयन या इस के मुमासिल (बराबर) सालाना हो या जिन का सालाना टर्न ओवर पाकिस्तानी करंसी में 3 मिलयन या इस के मुमासिल (बराबर) हो उन्हें एक साला बिज़नस वीज़ा जारी किया जाएगा और 4 ऐन्ट्रीज़ के साथ 5 मुक़ामात जाने की इजाज़त रहेगी।

दूसरे ज़मुरा में ऐसे ताजिर (व्यावसायिक) जिन की कम अज़ कम सालाना आमदनी पाकिस्तानी करंसी में 5 मिलयन या इस के मुमासिल (बराबर) या टर्नओवर पाकिस्तानी करंसी में 30 मिलयन या इस के मुमासिल (बराबर) हो उन्हें एक साल का मल्टीपल ऐन्ट्री बिज़नस वीज़ा जारी किया जाएगा और उन्हें 10 मुक़ामात के दौरे की इजाज़त रहेगी।

इस के साथ साथ उन्हें पुलिस रिपोर्टिंग से भी इस्तिस्ना (छूट) रहेगा। वीज़ा में ये सराहत भी कर दी जाएगी कि ताजिर (व्यावसायिक) के क़ियाम की मुद्दत 30 दिन से ज़ाइद ना हो। बिज़नस वीज़ा की इजराई (जारि करने) के लिए पाँच हफ़्तों से ज़ाइद वक़्त नहीं लिया जाएगा।

दोनों ममालिक (देशों) के अवाम के लिए जो मज़हबी मुक़ामात की ज़यारत के लिए जाना चाहते हैं ये एक ख़ुशख़बरी है कि ज़ाइरीन का वीज़ा इन्हें जारी किया जाएगा।

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