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हिंद-पाक मुज़ाकरात: मीर वैज़ का ख़ैरमक़दम

ईस्लामाबाद, 19 दिसंबर: ( पीटीआई) सदर नशीन हुर्रियत कान्फ्रेंस मीर वैज़ उमर फ़ारूक़ ने हिंद पाक मज़ाकरात के अहया का ख़ैरमक़दम किया ताहम कहा कि कश्मीरियों को भी बात चीत में शामिल किया जाना चाहीए था क्योंकि मसला कश्मीर उनकी शिरकत के बगैर य

ईस्लामाबाद, 19 दिसंबर: ( पीटीआई) सदर नशीन हुर्रियत कान्फ्रेंस मीर वैज़ उमर फ़ारूक़ ने हिंद पाक मज़ाकरात के अहया का ख़ैरमक़दम किया ताहम कहा कि कश्मीरियों को भी बात चीत में शामिल किया जाना चाहीए था क्योंकि मसला कश्मीर उनकी शिरकत के बगैर यकसूई नहीं हो सकती।

पाकिस्तान के तहरीक इंसाफ़ के सरबराह इमरान ख़ान के साथ प्रेस कान्फ्रेंस से ख़िताब करते हुए उन्होंने हिंद पाक बात चीत के अहया का ख़ैरमक़दम किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर सरहदी तनाज़ा नहीं बल्कि इंसानी मसला है। इस इलाक़ा में एक गैर फ़ित्री सरहद क़ायम करते हुए कश्मीरी अवाम को तक़सीम कर दिया गया है ।

उन्होंने कहा कि वो फ़ासले मिटाना चाहते हैं और चाहते हैं कि कश्मीर के दोनों इलाक़ों के अवाम को बाहम मुलाक़ात , तिजारत और बात चीत की इजाज़त दी जाए । उन्होंने तस्लीम किया कि कश्मीरी क़ाइदीन को वीज़े दीए जा रहे हैं और सरहद पार बस ख़िदमात का भी अहया हो चुका है।

उन्होंने दावा किया कि इससे इस बात की अक्कासी होती है कि हिंदूस्तान को इस मसला की यकसूई की ज़रूरत का एहसास हो गया है। इमरान ख़ान ने पुरज़ोर अंदाज़ में कहा कि मसला कश्मीर सिर्फ़ मुज़ाकरात के ज़रीया ही हल हो सकता है । उन्होंने कहा कि अमन कार्रवाई को आगे बढ़ाना हिंदूस्तान , पाकिस्तान और कश्मीर तीनों के मुफ़ाद में है।

मीर वैज़ उमर फ़ारूक़ ने भी कहा कि मसला का हल सिर्फ़ बात चीत के ज़रीया ही बरामद हो सकता है। एतिदाल पसंद हुर्रियत कान्फ्रेंस के सदर नशीन मीर वैज़ उमर फ़ारूक़ हुकूमत की दावत पर एक सात रुकनी वफ़द की क़ियादत करते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तानी मक़बूज़ा कश्मीर का दौरा कर रहे हैं ताकि पाकिस्तानी और कश्मीरी क़ियादत के साथ तबादला ख़्याल कर सकें और हिंद पाक अमन मुज़ाकरात को आगे बढ़ाने के लिए मुनासिब इक़दामात तजवीज़ कर सकें।

उन्होंने कहा कि तवील अर्सा के बाद ऐसा मालूम होता है कि कश्मीरी अवाम के मसाइब का दोनों ममालिक को एहसास हो रहा है ।

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