Saturday , December 16 2017

हिंद-पाक सरहद पर बी एस एफ जवानों के लिए जूतों की सरबराही

बी एस एफ जवान जो परचमों को सुरंगुं करते हुए परेड में हिस्सा लेते हैं। उन्हें अटारी की हिंद विपाकि सरहद पर जो अमृतसर में वाके है , को ख़ुसूसी जूते सरबराह किए जाएंगे ताकि वो अपनी कारकर्दगी मज़ीद राहत के साथ अंजाम दे सकें।

बी एस एफ जवान जो परचमों को सुरंगुं करते हुए परेड में हिस्सा लेते हैं। उन्हें अटारी की हिंद विपाकि सरहद पर जो अमृतसर में वाके है , को ख़ुसूसी जूते सरबराह किए जाएंगे ताकि वो अपनी कारकर्दगी मज़ीद राहत के साथ अंजाम दे सकें।

सरहद पर ग़ुरूब आफ़ताब से क़बल सरहद बंद करने की एक जारिहाना अंदाज़ में रोज़ाना परेड की जाती है लेकिन हालिया कुछ दिनों से फ़ौजी जवानों ने मज़कूरा परेड में हिस्सा लेने के बाद पीठ और घुटने के दर्द की शिकायत की थी । बॉर्डर सेक्यूरिटी फ़ोर्स के डिप्टी इन्सपेक्टर जनरल एमएफ फ़ारूक़ी ने कहा कि ऐसे फ़ौजी जवान जो परेड में हिस्सा लेते वक़्त अपने पैरों को जारिहाना अंदाज़ में ज़मीन पर रखते हैं।

उन्होंने पीठ और घुटनों में दर्द की शिकायत की है। हम ने फैसला किया था कि जिस गुज़रगाह पर उनकी परेड होगी वहां चोबी तख़्ते बिछा दिए जाएंगे लेकिन अब इस फैसला को रद‌ करते हुए फ़ौजियों को ज़्यादा आरामदह‌ जूते सरबराह किए जा रहे हैं जिन्हें ख़ुसूसी तौर पर फ़ौजियों के पैरों को राहत देने के मक़सद से तय्यार किया गया है।

फ़ारूक़ी ने कहा कि ऐसा महसूस होता हैकि फ़ौजी नए जूतों के हुसूल के बाद मुतमइन हैं कि उनके पास से मज़ीद कोई शिकायत मौसूल नहीं हुई। ख़ातून फ़ौजियों के बारे में पूछे जाने पर फ़ारूक़ी ने कहा कि उनके जूतों के साइज़ अलाहिदा हैं और उनकी तय्यारी ऐसी की गई है।

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