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हिंद – रूस बाहमी तआवुन को वुसअत देना हमारे लिए सूदमंद

नई दिल्ली, १६ दिसम्बर: (आमिर अली ख़ान) वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह आज रूस के तीन रोज़ा दौरे के लिए रवाना हुए। इस दौरे के दौरान वो बाहमी तआवुन को मज़ीद वुसअत देने और इलाक़ाई-ओ-आलमी मसाइल पर मज़ीद मुशावरत और तबादला-ए-ख़्याल करेंगे। उन्हों ने इस ब

नई दिल्ली, १६ दिसम्बर: (आमिर अली ख़ान) वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह आज रूस के तीन रोज़ा दौरे के लिए रवाना हुए। इस दौरे के दौरान वो बाहमी तआवुन को मज़ीद वुसअत देने और इलाक़ाई-ओ-आलमी मसाइल पर मज़ीद मुशावरत और तबादला-ए-ख़्याल करेंगे। उन्हों ने इस बात की निशानदेही की कि दोनों मुल्कों के दरमयान कई बाहमी ख़ैरसिगाली इक़दामात किए जाते रहे हैं।

आलमी मसाइल पर हिंद रूस मुशावरत वक़्त का तक़ाज़ा ही। अपनी रवानगी से क़बल जारी करदा ब्यान में मनमोहन सिंह ने कहा कि दोनो मुल्कों ने बाहमी मुफ़ाद के शोबों को ग़ैरमामूली तो रपर तरक़्क़ी देने और मिल जल कर काम करने से इत्तिफ़ाक़ किया है। मैं इस दौरे के मौक़ा पर अपनी बाहमी ताल्लुक़ात को मज़ीद वुसअत देने की कोशिश करूंगा।

आलमी अमन और ख़ुशहाली के मुफ़ाद के इलावा हमारे क़ौमी मुफ़ाद भी इस दौरे की ख़ुसूसीयात रहेंगी। वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह मास्को में 12 वें सालाना हिंद – रूस चोटी कान्फ़्रैंस में शिरकत करेंगे। उन्हों ने एहसास ज़ाहिर किया कि हालिया बरसों में सालाना चोटी कान्फ़्रैंस पेचीदा आलमी माहौल के पस-ए-मंज़र में मुनाक़िद होती रही है।

रूसी क़ियादत के साथ वो आलमी मईशत को दरपेश बोहरान के इलावा अपने पड़ोसी मुल्कों में होने वाली सयासी तबदीलीयों पर भी गहराई से जायज़ा लेंगी। मशरिक़-ए-वुसता, ख़लीज ममालिक और अफ़्ग़ानिस्तान में रौनुमा हुए वाक़ियात पर भी ग़ौर किया जाएगा। इन वाक़ियात से सारी दुनिया में अमन और इस्तिहकाम पर होने वाले असरात का भी जायज़ा लिया जाएगा।

उन्हों ने कहा कि हमारे मुल्कों की ख़ुशहाली भी उन्ही तबदीलीयों पर मुज़म्मिर है। अपने दौरे के दौरान मनमोहन सिंह सदर रूस मीडोडोफ़ से बातचीत करेंगे और अक़वाम-ए-मुत्तहिदा सलामती कौंसल G-20 ब्रिक्स के इलावा मशरिक़ एशीया चोटी कान्फ़्रैंस जैसे आलमी फर्म्स में मज़ीद मुशावरत को फ़रोग़ देने के राहों पर तबादला-ए-ख़्याल किया गया।

मुझे बताया गया है कि आलमी मसाइल पर हिंद रूस मुशावरत निहायत ही ज़रूरी है। ख़ासकर आज के हालात के पेशे नज़र हमें आलमी सतह पर होने वाली तबदीलीयों पर ग़ौर करना ज़रूरी है। रूस के साथ हमारे बाहमी ताल्लुक़ात बाहमी एतिमाद, दोस्ती और मुशतर्का मुफ़ादात पर मबनी है। न्यूक्लीयर तवानाई, दिफ़ा, ख़लाई उमूर, साईंस-ओ-टैक्नालोजी, हाईड्रो कार्बनस, तिजारत-ओ-सरमाया कारी के इलावा अवाम से अवाम के राबतों के बिशमोल कई शोबों में बाहमी ताल्लुक़ात को फ़रोग़ दिया जाएगा।

मैं रूस के साथ अपने बाहमी तआवुन को मज़ीद वुसअत देने के मेकानिज़म पर भी बातचीत करूंगा। वज़ीर-ए-आज़म ने ये भी कहा कि वो अपने दौरे के दौरान वज़ीर-ए-आज़म वीलाडमीर पोटीन से मुलाक़ात के मुतमन्नी हैं। उन्हों ने एहसास ज़ाहिर किया कि पोटीन ने अपने हिक्मत-ए-अमली वाली शराकतदारी को फ़रोग़ देने में अहम रोल अदा किया है।

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