Tuesday , January 23 2018

हिजाब उतारने से इंकार करने पर नौकरी से निकाली गई आबिदा को मिला इंसाफ

स्वीट्रजलैंड। 29 साल की मुस्लिम महिला को केवल उनके हिजाब की वजह से नौकरी से निकाले जाने मामले पर स्वीस कोर्ट ने फैसला दिया।। कोर्ट ने आबिदा का साथ देते हुए कहा कि कंपनी का किसी इम्पलॉयी के साथ इस तरह का बर्ताव देश के संविधान के खिलाफ है। कोर्ट ने कंपनी पर जुर्माना लगाते हुए मुआवजा देना का भी आदेश दिया। 22 साल आबिदा को स्वीटरजलैंड में नौकरी से इसलिए निकाल दिया जाता है कि क्योंकि वो ऑफिस में हिजाब पहनकर आती थी।

6 साल से कंपनी में काम करने वाली आबिदा को उसके हिजाब उतार कर ऑफिस में आने का दबाव डाला जाता है। आबिदा कहती है कि पहले कंपनी हाइजेनिक पॉलिसी का हवाला देकर उनसे हिजाब उतारने का फरमान सुनाया जाता है नहीं मानने पर ऑफिस से निकाले जाने की धमकी भी दी जाती है। आबिदा कहती है कि वह हिजाब की सफाई का ख्याल रखती है लेकिन इसके बावजूद कंपनी उन्हें इसे उतारने के लिए हाइजेनिक पॉलिसी की दलील देती है। आबिदा को कंपनी का आदेश ना मानने का खामियाजा उन्हें अपने जॉब खोकर चुकाना पड़ता है। जनवरी 2015 को उन्हें कंपनी से निकाल दिया जाता है।

स्वीट्रजलैंड के बहुत से मुस्लिम संगठन की इस फैसले पर नजर थी। फेडेरेशन ऑफ इस्लामिक ऑर्गेनेजाइशन कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि किसी भी ऑफिस जॉब में रखे जाना और निकाला जाने का क्राइटेरिया उसका काम होना चाहिए। किसी मुस्लिम महिला का हिजाब पहना जाना या किसी यहुदी का कप्पा पहने जाने मायने नहीं रखता।

इससे पहले भी स्वीट्रजलैंड ऐसा मामला खबरों की सुर्खियां बना था जब 1990 में एक दवा बनाने वाली कंपनी ने एक मुस्लिम महिला को उसके हिजाब पहने जाने की वजह से नौकरी से निकाल दिया जाता है।

TOPPOPULARRECENT