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हिन्दुस्तान और यूएई के बीच 16 समझौतों पर दस्तख़त होने की उम्मीद

नई दिल्ली: हिन्दुस्तान और मुत्तहदा अरब इमारात (यूएई के माबैन मुख़्तलिफ़ शोबों जैसे न्यूक्लीयर तवानाई, तेल, आई टी, अरो स्पेस और रेलवेज़ में तक़रीबन 16 मुआहिदों पर दस्तख़त होंगे जिसके नतीजे में हिन्दुस्तान ने यूएई की सरमायाकारी में ग़ैरमामूली इज़ाफे का इमकान है।

अबूज़हबी के वलीअहद मुहम्मद बिन जै़द अलनीहान के चहारशंबे से शुरू हो रहे सहि रोज़े दौरा के मौक़े पर इन मुआहिदों पर दस्तख़त किए जाऐंगे। इंतेहापसंदी से निमटने, इन्सिदाद-ए-दहशत गर्दी तआवुन और इस्लामिक स्टेट (आईएसपर क़ाबू पाने जैसे मौज़ूआत भी ज़ेर-ए-बहस आएँगे।

शेख़ मुहम्मद बिन जै़द अलनीहान की जुमेरात को वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात होगी। यूएई के सफ़ीर अहमद अल्बिना-ए-ने आज ये बात बताई। उन्होंने कहा कि यू ए ई की बाअसर शख़्सियत का दौरा ऐसे वक़्त हो रहा है जबकि 6 माह क़बल वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी वहां जा चुके हैं।

इस से दोनों ममालिक के माबैन माशी रवाबित को मज़ीद इस्तेहकाम मिलेगा। अबूज़हबी जो यूएई का दार-उल-हकूमत है, इस के पास तक़रीबन 800 बिलीयन डॉलर्स का वेल्थ फ़ंड है। हिन्दुस्तान की नज़रें अबूज़हबी इनवैस्टमेंट अथॉरीटी पर मर्कूज़ है ताकि इन्फ्रास्ट्रक्चर शोबे में सरमायाकारी को राग़िब किया जा सके।

अलनीहान के दौरे के मौक़े पर इस ज़िमन में बाज़ ऐलानात मुतवक़्क़े है। उन्होंने कहा कि फ़िलहाल मुख़्तलिफ़ विज़ारतों और ओहदेदारों के साथ16 मुआहिदों को क़तईयत दी जा चुकी है। तवक़्क़ो है कि इन तमाम पर दस्तख़त होगी। यूएई सफ़ीर ने कहा कि इन मुआहिदों की नतीजे में मुख़्तलिफ़ शोबों बिशमोल तजदीदी तवानाई, तेल और ग़ियास वग़ैरा में भारी सरमायाकारी होगी।

न्यूक्लीयर तआवुन मुआहिदे के ज़रिये जौहरी तवानाई के पुरअमन अग़राज़ के लिए इस्तेमाल की राह हमवार होगी। यूएई ने इसी तर्ज़ का मुआहिदा फ़्रांस और दीगर चंद ममालिक के साथ भी किया है। हिन्दुस्तान को यूएई का नंबर एक तिजारती पार्टनर तसव्वुर किया जाता है और यहां सालाना तिजारत तक़रीबन 60 बिलीयन डॉलर्स की है।

यूएई को ख़लीज में भी नुमायां एहमीयत हासिल है और ये हिन्दुस्तान के लिए ख़ुसूसियत रखता है। यूएई में तक़रीबन2.6 मिलियन हिन्दुस्तानी है जो वहां की आबादी का 30% हैं। इस के अलावा 2014-15 में यूएई , हिन्दुस्तान को करोड़ ऑयल सरबराह करने का छटा मुल्क था।

अल्बिना-ए-ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने तक़रीबन 34 साल के वक़फे के बाद यूएई का दौरा किया जिससे बाहमी रवाबित को मुस्तहकम बनाने के लिए नई राहें हमवार हो सकें और अलनीहान के दौर‌ से ये ताल्लुक़ात मज़ीद मुस्तहकम होंगे। दहशतगर्दी को सारी दुनिया के लिए एक संगीन ख़तरा तसव्वुर करते हुए हिन्दुस्तान और यूएई सिक्योरिटी इक़दामात में इज़ाफ़ा कर रहे हैं और इस लानत से निमटने के लिए इन्सिदाद-ए-दहशतगर्दी तआवुन को फ़रोग़ दिया जा रहा है।

इंतेहापसंदी से निमटने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान और यूए अमल कर काम करेंगे। अबूज़हबी के वलीअहद , सदर जम्हूरिया प्रण‌ब मुख़‌र्जी से भी मुलाक़ात करेंगे। आई एस के हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इससे निमटने के लिए तआवुन यक़ीनी बनाया जाएगा और सोश्यल मीडिया एक बड़े प्लेटफार्म का रोल अदा कर रहा है|

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