Tuesday , December 12 2017

हिन्दू मुस्लिम बीवीयों ने एक दूसरे के शौहर की जान बचाई

कूची ०९ फ़रवरी (एजैंसीज़) केरला में दो मुख़्तलिफ़ मज़ाहिब से ताल्लुक़ रखने वाली ख़वातीन ने अपने गुर्दों का अतीया देते हुए एक दूसरे के शौहरों को एक नई ज़िंदगी दी है। इस तरह ज़िला मिलापो रोम के 51 साला अबदुल मजीद और 37 साला बाला कृष्णा को जो ज़िं

कूची ०९ फ़रवरी (एजैंसीज़) केरला में दो मुख़्तलिफ़ मज़ाहिब से ताल्लुक़ रखने वाली ख़वातीन ने अपने गुर्दों का अतीया देते हुए एक दूसरे के शौहरों को एक नई ज़िंदगी दी है। इस तरह ज़िला मिलापो रोम के 51 साला अबदुल मजीद और 37 साला बाला कृष्णा को जो ज़िंदगी और मौत की कश्मकश में थे अब नई ज़िंदगी मिल गई जब मजीद की बीवी 41 साला ताहिरा ने बालाकृष्णन को अपना गुर्दा दिया जबकि इस (बालाकृष्णन) की बीवी 34 साला बिन्दू ने अपना गुर्दा देते हुए मजीद की जान बचाई।

इन दोनों ख़ानदानों को यहां के पी वे एस हॉस्पिटल में पेवन्दकारी के मुशावर्ती शोबा में लाया गया था जहां उन की रजामंदी से ऑप्रेशन किए गए। दोनों मरीज़ों की बीवीयों ने गुर्दों की तबदीली से इत्तेफ़ाक़ किया क्योंकि इस में कोई क़ानूनी रुकावट भी नहीं थी। ये भी अजीब इत्तेफ़ाक़ है कि ये दोनों बीवीयां ख़ून अलग होने के सबब अपने शौहरों को अपना गुर्दा नहीं दे सकती थीं। चुनांचे हॉस्पिटल के ज़िम्मेदारों ने एक हफ़्ता के वक्फ़ा में चारों के ऑप्रेशन करने का फ़ैसला किया था।

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