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हिमाचल प्रदेश का मुख्यमंत्री कौन होगा इस पर भाजपा दुविधा में, सस्पेंस बरकार

शिमला: हिमाचल प्रदेश का मुख्यमंत्री कौन होगा इस पर अब भी सस्पेंस बरकार है. बीजेपी अब बड़ी दुविधा में फंसती नजर आ रही है. एक तरफ जहां चुनाव हारने वाले प्रेम कुमार धूमल हैं तो वहीं दूसरी तरफ जयराम ठाकुर हैं. शुक्रवार को जब बीजेपी की पर्यवेक्षक टीम हिमाचल प्रदेश पहुंची तो दोनों ही नेताओं के कार्यकर्ताओं ने जमकर शक्ति प्रदर्शन किया और नारेबाजी की.

बता दें बीजेपी ने पर्यवेक्षक बनाकर निर्मला सीतारमण और नरेंद्र तोमर को हिमाचल प्रदेश में भेजा था. लेकिन इस बैठक में कोई हल नहीं निकला. केंद्रीय पर्यवेक्षक ने कोर ग्रुप के साथ बैठक करने से पहले पीटरहॉफ में कार्यकर्ताओं को भी संबोधित किया. लेकिन जब
पूर्व मुख्यमंत्री धूमल और जयराम ठाकुर के समर्थकों ने पीटरहॉफ पहुंचने पर अपने – अपने नेताओं के समर्थन में नारे भी लगाए. पीटरहॉफ में भारी भीड़ जुटी थी लेकिन इस बारे में कोई सुराग नहीं था कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा.
सूत्रों की माने तो पर्यवेक्षक विधायकों से एक-एक कर भी मिल रहे हैं ताकि उनके विचार जान सकें. सभी नवनिर्वाचित विधायकों की एक बैठक में आमराय से नेता चुना जाएगा. पार्टी ने 68 सदस्यीय विधानसभा में 44 सीटें जीती हैं. इस बीच, धमूल को मुख्यमंत्री बनाने की कोशिशें भी गति पकड़ रही है.

दरअसल, बीजेपी के तीन विधायकों ने उनके लिए अपनी सीट खाली करने की पेशकश की है. वहीं, पार्टी के कद्दावर नेता और कांगड़ा से लोकसभा सदस्य शांता कुमार सहित कई अन्य नेताओं ने इस कदम का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिला है और पार्टी का नेतृत्व करने के लिए कई नेता सक्षम हैं. इसके अलावा एक हारे हुए नेता के चयन से गलत संकेत जाएगा.

इस बीच, राज्यपाल आचार्य देवव्रत राज्य ने विधानसभा भंग कर दिया है और मौजूदा सरकार को नए विधानसभा के गठन तक सरकार चलाने के लिए कहा है. बीजेपी ने हिमाचल विधानसभा चुनाव में 60 सदस्यीय विधानसभा में से 44 सीटों पर जीत दर्ज की है.

कैच न्यूज में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के कई लोग और भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों का एक बड़ा हिस्सा मानते हैं कि धुमल इस जाल का शिकार बन गए। उन्होंने यह भी सोचा कि यह जाल पार्टी के नेतृत्व द्वारा रखी गई थी, जो उन्हें हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने की नहीं चाहती। धूमल के समर्थन ने भी केंद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली का एक उदाहरण दिया।

विरोध का मुकाबला करने के लिए, धूमल के समर्थक भी सड़कों पर गए और शिमला में कोर कमेटी की बैठक के बाहर नारे लगाए। नवनिर्वाचित विधायकों में से पांच-बार विधायक जयराम ठाकुर को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में देखा जा रहा है।

नए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पर संदेह जारी रहा क्योंकि केंद्रीय पर्यवेक्षकों की दो सदस्यीय टीम वरिष्ठ राज्य के नेताओं के साथ परामर्श के बाद नई दिल्ली लौट आई लेकिन नए निर्वाचित विधायकों की औपचारिक बैठक के बिना।

केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, नरेंद्र सिंह तोमर, और हिमाचल प्रदेश भाजपा मामलों के प्रभारी मंगल पांडे ने एचपी बीपीएल के वरिष्ठ नेताओं से मिले पीटरहॉफ़ में पर्यवेक्षकों ने मीडिया के व्यक्तियों से बचना नहीं छोड़ा और अगले एचपी मुख्यमंत्री के नाम के बारे में कोई संकेत दिए बिना छोड़ दिया

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