Tuesday , December 12 2017

हुकूमत एक हफ़्ते में जवाब दे: हाइकोर्ट

हैदराबाद हाइकोर्ट ने हुकूमत तेलंगाना को हिदायत दी के विक़ार अहमद के वालिद की दाख़िल करदा दरख़ास्त पर अंदरून एक हफ़्ता जवाबी हलफनामा दाख़िल करे।

हैदराबाद हाइकोर्ट ने हुकूमत तेलंगाना को हिदायत दी के विक़ार अहमद के वालिद की दाख़िल करदा दरख़ास्त पर अंदरून एक हफ़्ता जवाबी हलफनामा दाख़िल करे।

विक़ार के वालिद मुहम्मद अहमद ने एक दरख़ास्त दायर करते हुए कहा के उनके फ़र्ज़ंद और इस के चार साथीयों की पुलिस तहवील में हलाकत के सिलसिले में फ़ौजदारी मुक़द्दमा दर्ज किया जाये।

विक़ार अहमद और इस के चार साथीयों को 7 अप्रैल को आलेर के क़रीब फ़र्ज़ी एनकाउंटर में हलाक कर दिया गया था जब वो वर्ंगल की जेल से हैदराबाद लाए जा रहे थे। वकील सफ़ाई की बेहस की समाअत के बाद हाइकोर्ट ने एडीशनल एडवोकेट जनरल से सवाल किया कि आया पुलिस ने विक़ार के वालिद मुहम्मद अहमद की शिकायत पर मुक़द्दमा क्युं दर्ज नहीं किया गया ?। जस्टिस विलास वे अफ़ज़ल पर कर के मीटिंग पर समाअत जारी है। विक़ार के वालिद ने रिट दरख़ास्त में अपने फ़र्ज़ंद और इस के चार साथीयों का दुबारा पोस्टमार्टम कराने की भी दरख़ास्त की थी जिस पर एडवोकेट जनरल ने एतेराज़ किया था लेकिन अदालत ने इस पर एतेराज़ की वजह तलब की। रिट दरख़ास्त में ये बताया गया था कि 7 अप्रैल को आलेर के नलगें‍डा में वर्ंगल रिज़र्व पुलिस एस्कार्ट पार्टी ने मुबय्यना फ़र्ज़ी एनकाउंटर में विक़ार अहमद और इस के चार साथीयों को हलाक करने के इल्ज़ामात आइद करते हुए विक़ार आबाद के वालिद मुहम्मद अहमद , डॉ हनीफ़ की अहलिया इशरत बानो और सय्यद अमजद अली के भाई इमतियाज़ अली ने हाइकोर्ट में रिट दरख़ास्त में वाज़िह तौर पर बताया था के एस्कार्ट पार्टी के ख़िलाफ़ आलेर पुलिस में शिकायत के बावजूद पुलिस कार्रवाई से क़ासिर रही है और महलोकीन के पोस्टमार्टम पर शुबा ज़ाहिर करके दुबारा पोस्टमार्टम कराने और सी बी आई से उस की तहक़ीक़ात का मुतालिबा किया था।

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