Wednesday , December 13 2017

हुकूमत-ए-हिन्द को फ़िर्कावाराना तशद्दुद के इंसिदाद के लिए क़वानीन वज़ा करना चाहिए: ह्यूमन राइट्स

सफ़ अव्वल के इंसानी हुक़ूक़ इदारा ने एक के बाद एक क़ायम होने वाली हुकूमतों पर 1984 के सिख दुश्मन फ़सादात‌ में सीनियर ओहदेदारों के किरदार पर उन के ख़िलाफ़ मुक़द्दमा चलाने से क़ासिर रहने पर उन के ख़िलाफ़ कार्रवाई ना करने की बिना पर सख़्त तन्क़ी

सफ़ अव्वल के इंसानी हुक़ूक़ इदारा ने एक के बाद एक क़ायम होने वाली हुकूमतों पर 1984 के सिख दुश्मन फ़सादात‌ में सीनियर ओहदेदारों के किरदार पर उन के ख़िलाफ़ मुक़द्दमा चलाने से क़ासिर रहने पर उन के ख़िलाफ़ कार्रवाई ना करने की बिना पर सख़्त तन्क़ीद की और नई हुकूमत से ख़ाहिश की कि पुलिस इस्लाहात करे और फ़िर्कावाराना तशद्दुद के ख़िलाफ़ क़वानीन मंज़ूर करे।

ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा कि 1984 से मुनज़्ज़म क़त्ल-ए-आम में मुलव्विस रहने वालों के ख़िलाफ़ हिन्दुस्तान की हुकूमतों की जानिब से कार्रवाई करने में नाकामी से पुलिस इस्लाहात और फ़िर्कावाराना तशद्दुद क़ानून की ज़रूरत ज़ाहिर होती है। ह्यूमन राइट्स वॉच का ये तबसेरा कल मंज़रे आम पर आएगा जबकि हिन्दुस्तान साबिक़ वज़ीर-ए-आज़म इंदिरा गांधी की 30 वीं बरसी मनाएगा जिन्हें उन के सिख बॉडी गार्ड्स ने क़तल कर दिया था जिस के बाद 1984 में सुख दुश्मन फ़सादात‌ हुए थे।

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