Monday , December 18 2017

हुकूमत और सुप्रीम कोर्ट को ज़बरदस्त धक्का

नई दिल्ली, १८ जनवरी: (पी टी आई) हिंदूस्तान को आज उस वक़्त ज़बरदस्त धक्का पहुंचा जब पुर्तगाल की सुप्रीम कोर्ट ने अंडरवर्ल्ड डॉन अब्बू सालिम की हवालगी को मंसूख़ करने तहत की अदालत का फैसला बरक़रार रखा।

नई दिल्ली, १८ जनवरी: (पी टी आई) हिंदूस्तान को आज उस वक़्त ज़बरदस्त धक्का पहुंचा जब पुर्तगाल की सुप्रीम कोर्ट ने अंडरवर्ल्ड डॉन अब्बू सालिम की हवालगी को मंसूख़ करने तहत की अदालत का फैसला बरक़रार रखा।

अब्बू सालिम के ख़िलाफ़ नए इल्ज़ामात वज़ा करने पर जिस के नतीजा में उसे मौत की सज़ा भी हो सकती है, अदालत ने उसे हवालगी क़वाइद की ख़िलाफ़वर्ज़ी क़रार दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने हिंदूस्तानी हुक्काम की अपील को मुस्तर्द करते हुए लज़बन में कोर्ट आफ़ अपील के हुक्म को बरक़रार रखा ।

इस अदालत ने कहा था कि 46 साला अब्बू सालिम की 2005 में हवालगी के वक़्त मुक़र्ररा क़वाइद की ख़िलाफ़वर्ज़ी की गई थी । सुप्रीम कोर्ट के इस हुक्म पर रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करते हुए सी बी आई ने दावा किया कि अदालत ने अब्बू सालिम की हवालगी को मंसूख़ नहीं किया है बल्कि सिर्फ़ चंद तकनीकी पहलोओं को उजागर किया गया।

सी बी आई के मुताबिक़ इस फैसला के नतीजा में अब्बू सालिम के ख़िलाफ़ हिंदूस्तान में जारी मुक़द्दमात और मौजूदा मौक़िफ़ पर कोई असर नहीं पड़ेगा । सी बी आई के तर्जुमान ने कहा कि मर्कज़ी हुकूमत सुप्रीम कोर्ट के इस फैसला को चैलेंज करते हुए इमकान है कि पुर्तगाल की दस्तूरी बंच से रुजू होगी ।

सुप्रीम कोर्ट के इस हुक्म के साथ ही अब्बू सालिम ने जो उस वक़्त जेल में हैं , फ़ौरी मुंबई में टाडा कोर्ट से रुजू होकर 1993 मुंबई बम धमाकों के मुक़द्दमा में इस के ख़िलाफ़ जारी कार्रवाई बंद करने की अपील की। अब्बू सालिम ने दावा किया कि इस मुक़द्दमा की बरक़रारी गैर कानूनी है ।

अब्बू सालिम के वकील राशिद अंसारी ने मुंबई में बताया कि हम ने एक दरख़ास्त दाख़िल करते हुए कहा कि मुक़द्दमा जारी रखना गैरकानूनी होगा । तवक़्क़ो है कि इस दरख़ास्त पर कल समाअत होगी । अब्बू सालिम के ख़िलाफ़ दीगर कई मुक़द्दमात भी जारी हैं। हिंदूस्तान ने पुर्तगाल को ये दस्तूरी तमानियत दी थी कि अब्बू सालिम के ख़िलाफ़ उसे कोई इल्ज़ामात आइद नहीं किए जाएंगे जिन पर सज़ाए मौत का इतलाक़ होता है ।

इस के इलावा उसे 25 साल से ज़ाइद जेल में नहीं रखा जाएगा । ताहम दिल्ली और मुंबई पोलीस ने अपने ज़ाती तजज़िया की बुनियाद पर अब्बू सालिम के ख़िलाफ़ उसे इल्ज़ामात दर्ज किए हैं जिन पर उसे सज़ाए मौत भी होसकती है लेकिन ये इक़दाम हुकूमत और सी बी आई के लिए महंगा साबित हुआ। बादअज़ां पुलिस ने इन इल्ज़ामात से दसतबरदारी की ख़ाहिश ज़ाहिर की लेकिन अदालतों ने मंज़ूरी नहीं दी थी ।

TOPPOPULARRECENT