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हुकूमत के ख़िलाफ़ तहरीक अदमे एतिमाद की पेशकशी भी मुम्किन : तृणमूल

कोलकता २३ अक्टूबर ( पी टी आई ) कांग्रेस के साथ तल्ख़ अलैहदगी के बाद तृणमूल कांग्रेस अब संसद के सरमाई इजलास में यू पी ए हुकूमत की मुख़ालिफ़ ( विरोध) अवाम पालिसीयों के ख़िलाफ़ क़ायदा 184 के तहत एक तहरीक इलतिवा और एक तहरीक सरज़निश पेश करने का मं

कोलकता २३ अक्टूबर ( पी टी आई ) कांग्रेस के साथ तल्ख़ अलैहदगी के बाद तृणमूल कांग्रेस अब संसद के सरमाई इजलास में यू पी ए हुकूमत की मुख़ालिफ़ ( विरोध) अवाम पालिसीयों के ख़िलाफ़ क़ायदा 184 के तहत एक तहरीक इलतिवा और एक तहरीक सरज़निश पेश करने का मंसूबा रखती है ।

इस क़ायदा के तहत पेश करदा तहरीक पर राय दही (मतदान) ज़रूरी होती है । पार्टी ने हुकूमत के ख़िलाफ़ अदमे एतिमाद की तहरीक पेश करने का इमकान ( संभावना को ) भी मुस्तर्द नहीं किया है । तृणमूल कांग्रेस पारलीमानी पार्टी लीडर मिस्टर सुदीप बिन्दू उपाधयाय ने पी टी आई से बात चीत करते हुए कहा कि इनकी पार्टी हुकूमत के ख़िलाफ़ क़ायदा 184 के तहत तहरीक इलतिवा या तहरीक सरज़निश पेश करने के ताल्लुक़ से हर इमकान को बरक़रार रखे हुए है ।

इसके इलावा क़ायदा 193 के तहत भी एक तहरीक पेश की जा सकती है । इस मसला ( समस्या) पर तबादला ख़्याल किया जा रहा है और फ़िलहाल कोई इमकान मुस्तर्द ( निरस्त) नहीं किया जा रहा है । मिस्टर बंदोपाध्याय ने कहा कि लोक सभा और राज्य सभा दोनों ही ऐवान की कई सयासी जमाअतें ( पार्टी) तृणमूल की तहरीक की ताईद ( समर्थन) करेंगी ।

इन में यू पी ए में शामिल और एन डी ए में शामिल जमाअतें भी शामिल हैं । उन्होंने इन जमातों के नाम ज़ाहिर करने से इनकार कर दिया और कहा कि ये सयासी तौर पर ग़ैर दानिशमंदाना फैसला होगा अगर इन जमातों के नाम फ़ौरी तौर पर ज़ाहिर कर दिए जाएं । तृणमूल कांग्रेस की सरबराह ममता बनर्जी की जानिब से हुकूमत के ख़िलाफ़ अदमे एतिमाद की तहरीक पेश किए जाने के मंसूबा के ताल्लुक़ से सवाल पर मिस्टर बंदोपाध्याय ने कहा कि इस सिलसिला में मुनासिब फैसला किसी मुनासिब-ए-वक़्त पर किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के पास 19 लोक सभा और नौ राज्य सभा अरकान ( सदस्य) हैं । ये अरकान पार्लिमेंट जनतादल यू बीजू जनतादल समाजवादी पार्टी वगैरह के साथ ऐवान में तआवुन (मदद) हासिल करने और इश्तिराक ( साझा/ share) करने की कोशिश करेंगी ।

ये जमाअतें मर्कज़ी हुकूमत के हालिया फैसलों की मुख़ालिफ़ ( विरोध में) हैं। उन्होंने कहा कि संसद के सरमाई इजलास के आग़ाज़ ( शुरू से क़बल इन जमातों से राबिता ( संपर्क) करते हुए एवान में तआवुन हासिल करने की कोशिश की जाएगी। संसद इजलास का जारीया माह के तीसरे महीने में आग़ाज़ होगा ।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने ऐवान में तआवुन के लिए सी पी एम से बात चीत से इनकार कर दिया । उन्होंने कहा कि सी पी एम की मुख़ालिफ़त (विरोध) हक़ीक़ी ( वास्तविक) नहीं है । इसके बरख़िलाफ़ ( विपरीत) सी पी एम चाहती है कि टी एम सी को सयासी तौर पर इनको तन्हा कर दिया जाय ।

उन्होंने बताया कि इनकी पार्टी कोयला ब्लॉक्स अलाटमेंट अस्क़ाम ( घोटाले) पर भी हुकूमत को घेरने की कोशिश करेगी । ये वाज़िह ( साफ/ स्पष्ट) करते हुए कि तृणमूल कांग्रेस ऐवान की कार्रवाई को मुतास्सिर ( प्रभावित) किए जाने की मुख़ालिफ़ है उन्होंने कहा कि गुज़शता मानसून सेशन में ऐवान का 80 फीसद वक़्त ज़ाय ( बरबाद) कर दिया गया क्यो‍कि अपोज़ीशन की जानिब से ऐवान की कार्रवाई में मुसलसल रुकावट पैदा की गई थी ।

उन्होंने कहा कि इनकी पार्टी चाहती है कि ऐवान में कार्रवाई को यक़ीनी बनाया जा सके ताकि आम आदमी को दरपेश मसाइल ( आने वाली समस्याओ) पर यहां तबादला ख़्याल हो सके । इस सवाल पर कि आया वो ऐवान का वक़्त ज़ाय करने के लिए वो बी जे पी को मौरिद (योग्य) इल्ज़ाम टहराएंगे मिस्टर बंदोपाध्याय ने कहा कि एन डी ए के इक़तिदार ( शासन) में कांग्रेस ने भी इसी तरह का तरीका कार इख़तियार किया था ।

ऐवान का वक़्त ज़ाय किए जाने के लिए दोनों ही बड़ी जमाअतें ज़िम्मेदार हैं। उन्होंने इद्दिआ ( वादा) किया कि तृणमूल कांग्रेस ने ये साबित कर दिया कि जब मर्कज़ी हुकूमत की जानिब से आम आदमी के मुफ़ादात ( फायदों) पर कोई समझौता होता है तो वो वज़ारती ओहदों की परवाह नहीं करती । उन्होंने पार्टी के छः वुज़रा के अस्तीफ़ों का हवाला दिया और कहा कि तृणमूल ने रीटेल शोबा में रास्त ( सीधा) बैरूनी सरमाया कारी ( विदेशी निवेश) की इजाज़त दिए जाने पर हुकूमत की ताईद (समर्थन) से भी दसतबरदारी इख़तियार कर ली है ।

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