Monday , January 22 2018

हुकूमत पर ग़ियास और केरोसीन सब्सीडी का बोझ

नई दिल्ली: मर्कज़ी वज़ीरे फाईनेंस अरूण जेटली ने आज दुरुस्त फ़वाइद मुंतकली स्कीम में यकसानियत पैदा करने के लिए सेक्रेटरीज़ और सीईए से तबादला ए ख़्याल किया ताकि हक़ीक़ी मुस्तहक़्क़ीन को सब्सीडी की फ़राहमी को यक़ीनी बनाया जा सके। स्कीम के तहत एलपीजी सारफ़ीन को सब्सीडी की रक़म दुरुस्त मुंतकली के साथ स्कोलरशिप्स और वज़ाइफ़ स्कीमात के फ़वाइद उनके बैंक अकाउंटस में मुंतक़िल करती है और अब एक‌ अप्रैल से केरोसीन सब्सीडी भी सारफ़ीन के अकाउंटस में जमाकर दी जाएगी ताकि सब्सीडी का बोझ हल्का किया जा सके जो कि साल 2014-15 के दौरान 24,799 करोड़ तक पहुंच गई है।

सरकारी ज़राए ने बताया कि इजलास में समाजी शोबे के प्रोग्राम और रास्त फ़वाइद मुंतकली (डीबीटी) स्कीम पर तबादला ए ख़्याल किया गया और स्कीम पर अमलावरी में यकसानियत और राहुल की तजावीज़ पेश की गई। बजट 2016-17 की तैयारी के पस-ए-मंज़र में मुनाक़िदा आज के इजलास में फाईनेंस सेक्रेटरी रतन वटाल , डीईए सेक्रेटरी शक्ति कान्ता दास , रेवन्यू सेक्रेटरी हसमुख अध़्या और माशी मुशीर आला अरविंद सुब्रामणियम ने शिरकत की।

उन्होंने जन धन , आधार और मोबाईल नंबरात के ज़रिये सरकारी स्कीमात में यकसानियत पैदा करने पर ग़ौर-ओ-ख़ौज़ किया ताकि समाजी शोबे की स्कीमात को हक़ीक़ी ज़रूरतमंदों तक महिदूद किया जा सके और बजट ख़सारा को घटाने के लिए राहें तलाश की जा सके।

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