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हुज़ूर निज़ाम नवाब मीर उसमान अली ख़ांन जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता

हैदराबाद 5 अप्रैल : आसिफ़ साबह नवाब मीर उसमान अली ख़ांन बहादुर की 5 अप्रैल को 127वीं यौम पैदाइश है हैदराबाद दक्कन को बुनियादी सहूलतों से आरास्ता करने और अवाम को ख़ुशहॉल बनाने के लिए इस हुक्मरान ने जो ख़िदमात अंजाम दी हैं उसे जानबूझ

हैदराबाद 5 अप्रैल : आसिफ़ साबह नवाब मीर उसमान अली ख़ांन बहादुर की 5 अप्रैल को 127वीं यौम पैदाइश है हैदराबाद दक्कन को बुनियादी सहूलतों से आरास्ता करने और अवाम को ख़ुशहॉल बनाने के लिए इस हुक्मरान ने जो ख़िदमात अंजाम दी हैं उसे जानबूझ कर भी फ़रामोश नहीं किया जा सकता ।

ये बात ज़रूर है कि हुकूमत सरकारी महकमों और गैर सरकारी रज़ाकाराना तनज़ीमों सयासी जमातों में शामिल फिर्कापरस्त ज़हनों ने हमेशा हुज़ूर निज़ाम मीर उसमान अली ख़ांन बहादुर मरहूम के बारे में बे बुनियाद प्रोपगंडा किया है और उन की इस ताअस्सुबाना मुहिम का सिलसिला आज तक जारी है ।

हुकूमत की ग़फ़लत हुक्काम के तास्सुब और चंद सियासतदानों के बाइस हमारी मौजूदा नस्ल हुज़ूर निज़ाम के बारे में मालूमात ही नहीं रखती । इस मौक़ा पर एक रियाया परवर बादशाह को ख़राज अक़ीदत पेश करना ज़रूरी है । जहां तक हुज़ूर निज़ाम नवाब मीर उसमान अली ख़ांन बहादुर की ख़िदमात और रियाया पर्वरी का सवाल है उन्हों ने अपनी ममलकत हैदराबाद दक्कन में ज़चगीख़ाना से लेकर तालीमी इदारे क़ायम करते हुए अवाम की ख़िदमत को अपनी हुकूमत का निस्बुलऐन बनाया ।

नवाब मीर उसमान अली ख़ांन बहादुर फ़तह जंग निज़मुद्दौला निज़ामुल मुल्क 29 जमादी उस्सानी 1303 मुताबिक़ 5 अप्रैल 1886 बरोज़ सहशंबा हवेली क़दीम में पैदा हुए । 25 शाबान 1303 को आप का नाम मीर उसमान अली ख़ांन तजवीज़ किया गया । आप की अतालीक़ी के लिए मुमताज़ उमरा मुक़र्रर किए गए ।

अरबी फ़ारसी की तालीम के लिए मौलवी अनवर उल्लाह ख़ांन और अल्लामा सैयद अली शोस्तरी और इमादुल मुल्क और सैयद हुसैन बिलग्रामी अंग्रेज़ी तालीम के लिए बी एजर्टन का तक़र्रुर अमल में आया ।

दवाख़ाना उस्मानिया , चारमीनार तिब्बी शिफ़ाख़ाना , हाईकोर्ट की तारीख़ी इमारत , दुनिया की सब से पहली उर्दू यूनीवर्सिटी जामिआ उस्मानिया , उस्मानिया मेडिकिल कॉलेज ,रियासत के अक्सर और बेशतर आबपाशी प्रोजेक्ट्स , महकमा फाइनेंस , इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट , बर्क़ी की पैदावार के लिए बर्क़ी प्लांटस , रेलवेज़ ,

अदलिया , कमिश्नरेट , महाबस , पुलिस , सीग़ा फ़ौज बेक़ाइदा और बाक़ायदा महकमा अफ़्ज़ाइश मवेशीयां और हैवानात के दवाखाने , प्रिंटिंग प्रेस , रेवन्यू डिपार्टमेंट , जागीरात , जंगलात , कस़्टम़्स ( करोड़गीरी ) , आबपाशी , आबरसानी , उमूर मज़हबी , मजलिस बलदिया , मजलिस सफ़ाई , आराइश ,

आबकारी , रेडियो स्टेशन , प्लैनेटेरियम , उसमान सागर और हिमायत सागर जैसे आबी ज़ख़ाइर की तामीर , कुतुब ख़ाना आसफ़िया , बाग़ आम्मा , असेंबली , सेक्रेटेरिएट, मुसाफ़िरीन के लिए नामपल्ली में सराय वगैरह आसिफ़ साबह नवाब मीर उसमान अली ख़ांन बहादुर की ही देन है ।

जब कि निज़ाम सागर भी रियाया को उन का तोहफ़ा था लेकिन अफ़सोस इस हमदर्द और रियाया परवर हुक्मरान को यकसर फ़रामोश कर दिया गया । होना तो ये चाहीए कि थाकि चेरियान पैलेस की अराज़ी पर क़ायम कासू ब्रह्मानंद रेड्डी पार्क और मेह्दीपटनम ता आराम गढ़ , 11 किलोमीटर तवील उबूरी पुल हुज़ूर निज़ाम के नाम से मौसूम किया जाता । लेकिन हुक्मरानों के तास्सुब के बाइस हुज़ूर निज़ाम को मस्तिहका मुक़ाम नहीं दिया गया।

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