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हुटिंग कर निज़ाम का रेप किया गया : वजीरे आला

हूटिंग की वजह से वजीरे आला हेमंत सोरेन ने कहा, मुस्तकबिल में वजीरे आजम नरेंद्र मोदी के प्रोग्राम में शामिल होने पर गौर करेंगे। वह पार्टी की हैसियत से प्रोग्राम में मौजूद नहीं थे, बतौर वजीरे आजम मौजूद थे। इसलिए इससे रियासत औयर रिया

हूटिंग की वजह से वजीरे आला हेमंत सोरेन ने कहा, मुस्तकबिल में वजीरे आजम नरेंद्र मोदी के प्रोग्राम में शामिल होने पर गौर करेंगे। वह पार्टी की हैसियत से प्रोग्राम में मौजूद नहीं थे, बतौर वजीरे आजम मौजूद थे। इसलिए इससे रियासत औयर रियासत के बाशिंदों का तौहीन हुआ है। यह रिवायत वफ़ाक़ी ढांचे को तोड़ने की कोशिश है।

एयरपोर्ट पर मिस्टर सोरेन ने कहा कि प्रोग्राम में साउंड सिस्टम ठीक नहीं था। उनके खिलाफ यक़ीनी तौर से शोर हुई है। सियासी लड़ाई लड़नी है, तो इंतिख़ाब में आयें। हूटिंग की नयी रिवायत शुरू हुई है। वजीरे आजम को इस पर नोटिस लेना चाहिए।

सिस्टम का बलात्कार हुआ है। मिस्टर सोरेन ने कहा कि सियासी ताकत दिखाने के लिए इंतिख़ाब है। आनेवाला वक़्त बतायेगा कि किसमें कितनी कूवत है। मुस्तकबिल में वजीरे आजम के प्रोग्राम में शामिल होने के सवाल पर कहा कि वह इज्ज़त करना जानते हैं, लेकिन वाकिया की वजह से इस पर यक़ीनी तौर से गौर करेंगे कि प्रोग्राम में जाना चाहिए या नहीं। पर इस क़िस्म की वाकिया गलत और जम्हूरियत की मर्यादा के मुंफ़ी है। है.

वजीरे आजम नरेंद्र मोदी के झारखंड की दारुल हुकूमत रांची में मुनक्कीद एक प्रोग्राम में वजीरे आला हेमंत सोरेन को भी हूटिंग का गम झेलना पड़ा। जैसे ही वजीरे आला सोरेन स्टेज पर तक़रीर देने पहुंचे वहां मोदी-मोदी के नारे लगाये जाने लगे। वजीरे आला ने उसी शोरगुल के दरमियान अपना तक़रीर खत्म किया।

प्रोग्राम खत्म होने के बाद एक न्यूज चैनल से बातचीत में हेमंत सोरेन ने स्टेज में उनके साथ हुए सुलूक पर बातचीत की। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि वजीरे आजम ने तो मंसूबों का ऐलान की बरसात कर दी लेकिन यह ज़मीन में कितना उतरता है यह आने वाले वक़्त में ही पता चल पाएगा।

उन्होंने कहा कि फिर भी वजीरे आजम बनने के सिर्फ तीन महीने के अंदर इस नये रियासत में आने के लिए हम उनका शुक्रगुजार हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या आपको इस तरह की खदशा थी कि जो हरियाणा में हुआ वह यहां आपके साथ भी हो सकती है। इस पर मिस्टर सोरेन ने कहा कि हां इस तरह की खदशा तो थी और हमने कल ही भाजपा के लीडरों के साथ बातचीत कर इस तरह की वाकिया न दुहराने की दरख्वास्त की थी।

उन्होंने कहा कि सरकार और पार्टी दोनों अलग-अलग चीज है। हम यहां एक पार्टी की हैसियत से नहीं बल्कि रियासत के वजीरे आला के हैसियत से आये थें और वजीरे आजम भी यहां एक सरकारी काम से आये थे। ऐसे में प्रोटोकॉल के तहत भी हमें उनके प्लेटफोरम में जाना जरूरी था। हमने अपनी रिवायत को निभाया है।

लेकिन कोई अगर सरकारी निजाम की गोद में बैठकर सियासी फायदा उठाये तो यह गलत रिवायत का इशारा है। जब सीएम हेमंत से पूछा गया कि लेकिन वे तो आपके ही रियासत की आवाम थी ऐसे में वे आपसे ज़्यादा मोदी को पसंद करते हैं तो इसमें पार्टी की क्या गलती है। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अवामा किसको पसंद करती है उसका फैसला करने का यह मंच नहीं है। यह तो आने वाले इंतिख़ाब में पता चलेगा कि कौन किसको पसंद करता है। उन्होंने कहा कि अगर मुस्तकबिल में मोदी का इस तरह का प्रोग्राम होता है तो वह वहां जाने के पहले गौर करेंगे। करेंगे.

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