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हुसनी मुबारक की रिहाई का हुक्म

मिस्र में इख़वानुल मुस्लिमीन के दो मज़ीद सरकरदा क़ाइदीन को आज उस वक़्त गिरफ़्तार करलिया गया, जब वो मुल्क छोड़कर जाने की कोशिश कररहे थे। जबकि मिस्र की अदालत ने साबिक़ सदर हुसनी मुबारक को रहा करने का हुक्म दिया है। अदालती और सेक्यूरिटी

मिस्र में इख़वानुल मुस्लिमीन के दो मज़ीद सरकरदा क़ाइदीन को आज उस वक़्त गिरफ़्तार करलिया गया, जब वो मुल्क छोड़कर जाने की कोशिश कररहे थे। जबकि मिस्र की अदालत ने साबिक़ सदर हुसनी मुबारक को रहा करने का हुक्म दिया है। अदालती और सेक्यूरिटी ज़राए ने आज ये बात बताई।
अदालत के इस हुक्म के बाद हसनी मुबारक को आज देर गए या फिर कल रहा किया जा सकता है। फ़ौजी पुश्तपनाही की हामिल हुकूमत ने इस्लामपसंदों के ख़िलाफ़ अपनी मुहिम मज़ीद तेज़ करदी है जो बरतरफ़ सदर मुहम्मद मुर्सी की बहाली का मुतालिबा कररहे हैं। मुहम्मद मुर्सी की ऩजरबंदी में तौसीअ की गई है।

मिस्र के सरकारी ख़बररसां एजेंसी मीना के मुताबिक़ सफ़ूत हिजाज़ी को लीबिया की सरहद पर गिरफ़्तार किया गया। वो एक शोला बयान सलफ़ी मुबल्लिग़ हैं, जबकि इख़वानुल मुस्लिमीन के सयासी शोबा के तर्जुमान मुराद अली को क़ाहिरा एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया। वो इटली की परवाज़ में सवार होने की कोशिश कररहे थे।

हिजाज़ी पर तशद्दुद भड़काने का इल्ज़ाम है। ये गिरफ्तारियां ऐसे वक़्त अमल में आई जबकि इख़वानुल मुस्लिमीन के रुहानी पेशवा 70 साला मुहम्मद वली को एक दिन क़ब्ल ही राबिया अलादवीह चौराहे के क़रीब एक अपार्टमंट से गिरफ़्तार किया गया था। कल तक़रीबन 100 अरकान को हिरासत में लिया गया था। गुज़िशता हफ़्ते ये चौराहा सेक्यूरिटी फोर्सेस की खूँरेज़ कार्रवाई का मर्कज़ था जहां एहितजाजी इख़वानुल मुस्लिमीन के कई हामियों को हलाक किया गया।

हुकूमत ने इख़वान अलमुस्लिमीन के ख़िलाफ़ कार्रवाई का सिलसिला जारी रखा है और कल तक़रीबन 100 अरकान को हिरासत में लिया गया है। इस मज़हबी जमात की फ़ौज के साथ महाज़ आराई जारी है और उबूरी हुकूमत की खूँरेज़ फ़ौजी बग़ावत को इइख़वानुल मुस्लिमीन ने शदीद तन्क़ीद का निशाना बनाया। इस ग्रुप के फ़्रीडम ऐंड जस्टिस पार्टी ने एक बयान जारी करते हुए मुहम्मद बदी के ख़िलाफ़ आइद इल्ज़ामात को फ़र्ज़ी और सयासी नौईयत के क़रार दिया।

बयान में कहा गया कि एक हक़ीक़त है कि इख़वानुल मुस्लिमीन और उस की मुल्हिक़ा सियासी जमात फ़्रीडम ऐंड जस्टिस पार्टी के इलावा मुख़ालिफ़ बग़ावत क़ाइदीन के ख़िलाफ़ जो भी इल्ज़ामात आइद किए जा रहे हैं वो सारे मनघड़त हैं और क़ानूनी तौर पर बतौर सबूत ये नाक़ाबिल-ए-क़बूल क़रार पाते हैं। बयान में कहा गया है कि सियासी इल्ज़ामात को मुजरिमाना रंग देने की कोशिश की जा रही है।इख़वानुल मुस्लिमीन के वकील अली कमाल के हवाले से ये बयान जारी किया गया। अदालती ज़राए ने बताया कि तरह जेल में अदालत मुनाक़िद की जाएगी जहां माज़ूल लीडर को महरूस रखा गया है।

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