Thursday , December 14 2017

हुस्नी मुबारक अदालत में पेश , मुहम्मद बदी के ख़िलाफ़ समाअत मुल्तवी

मिस्र के माज़ूल सदर हुस्नी मुबारक आज एक मुक़द्दमे के सिलसिले में अदालत में पेश हुए। उन पर मुवाफ़िक़ जम्हूरियत एहतिजाज के दौरान 800 से ज़ाइद अफ़राद के क़त्ल का इल्ज़ाम है। 85 साला मुबारक को जेल से रिहाई के बाद नज़रबंद रखा गया है। वो आज हैलीक

मिस्र के माज़ूल सदर हुस्नी मुबारक आज एक मुक़द्दमे के सिलसिले में अदालत में पेश हुए। उन पर मुवाफ़िक़ जम्हूरियत एहतिजाज के दौरान 800 से ज़ाइद अफ़राद के क़त्ल का इल्ज़ाम है। 85 साला मुबारक को जेल से रिहाई के बाद नज़रबंद रखा गया है। वो आज हैलीकाप्टर के ज़रिये पुलिस एकेडेमी पहूंचे जहां उन्हों ने जनवरी 2011 में एहितजाजियों की हलाकत के मुक़द्दमे के छटे सेशन में शिरकत की।

सरकारी टेलीविज़न फूटेज में उन्हें मुद्दई अलीहान के इलावा मुआविन मुद्दई अलीहान वज़ीर-ए-दाख़िला, 6 सेक्यूरिटी सरबराहान और उनके दो फ़रज़न्दों के साथ दिखाया गया। उनके ख़िलाफ़ जारी मुक़द्दमात में एक ये भी है कि उन्होंने इसराईल को कम क़ीमत पर ग़ैस फ़रोख़्त करते हुए अवामी फंड्स को ज़ाए किया है।

हुस्नी मुबारक को जारिया हफ़्ते जेल से रहा किया गया लेकिन उबूरी वज़ीर-ए-आज़म हाज़िम अलबबलावी ने उन्हें नज़रबंद रखने की हिदायत दी है। उन्हें क़ाहिरा में फ़ौजी हॉस्पिटल में रखा गया है। हुस्नी मुबारक को गुज़िश्ता साल जून में मुजरिम क़रार देते हुए सज़ाए उम्र क़ैद सुनाई गई थी, लेकिन उनकी अपील के बाद जनवरी में अज़सर-ए-नौ क़ानूनी चाराजोई का हुक्म दिया गया। वो इस मुक़द्दमे में सज़ाए मौत का सामना कर सकते हैं। इस के इलावा उनपर करप्शन के भी कई मुक़द्दमात हैं।

एक और अदालत ने इख़वानुल मुस्लिमीन सरबराह मुहम्मद बदी, उन के नायब ख़ैरात अलशतर और दीगर के ख़िलाफ़ क़ानूनी समाअत मुल्तवी करदी। मुहम्मद बदी उनके नायबीन और इस्लामपसंद ग्रुप के दीगर सरकर्दा शख़्सियतों को गुज़िश्ता साल दिसम्बर में सदारती महल के रूबरू एहितजाजियों की हलाकत के लिए क़ानूनी चाराजोई का सामना है।

आज सेक्यूरिटी वजूहात की बिना 70 साला मुहम्मद बदी और उनके नायबीन को अदालत में पेश नहीं किया गया जिसकी वजह से मुक़द्दमे की समाअत शुरू होने के बाद उसे 29 अक्टूबर तक मुल्तवी कर दिया गया।

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