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हेडली के ख़िलाफ़ चार्ज शीट, अदालत में एन आई ए की बहस

नई दिल्ली, २२ जनवरी (पी टी आई) हिंदूस्तान में बिशमोल 26/11 मुंबई हमलों, मुख़्तलिफ़ दहश्तगर्द कार्यवाईयों की मंसूबा बंदी और उन पर अमल आवरी के ज़िमन में पाकिस्तानी नज़ाद अमरीकी मुश्तबा दहश्तगर्द डेविड हेडली और दीगर 8 मुल्ज़िमीन के ख़िलाफ़ द

नई दिल्ली, २२ जनवरी (पी टी आई) हिंदूस्तान में बिशमोल 26/11 मुंबई हमलों, मुख़्तलिफ़ दहश्तगर्द कार्यवाईयों की मंसूबा बंदी और उन पर अमल आवरी के ज़िमन में पाकिस्तानी नज़ाद अमरीकी मुश्तबा दहश्तगर्द डेविड हेडली और दीगर 8 मुल्ज़िमीन के ख़िलाफ़ दिल्ली की एक अदालत ने एन आई ए की तरफ़ से पेश करदा चार्ज शीट पर बेहस की समाअत की।

ये बेहस ग़ैर मुख़्ततम रही और 4 फरवरी को मज़ीद बेहस होगी। एन आई ए के ख़ुसूसी जज एच एस शर्मा ने कहा कि मुल्ज़िमीन को मुस्तौजिब सज़ा जुर्म का मुर्तक़िब क़रार देने के सवाल पर बेहस ग़ैर मुख़्ततम रही और मज़ीद बेहस की समाअत 4 फरवरी को होगी।

जज ने मज़ीद कहा कि वो ये तारीख़ इस लिए दे रहे हैं कि वो एन आई ए की तरफ़ से पेश कर्दा दस्तावेज़ात का बग़ौर जायज़ा ले सकें, इस के बाद ही मज़ीद बहस फ़ायदेमंद हो सकती है। बहस के दौरान ख़ुसूसी इस्तिग़ासा दयान कृष्णन ने कहा कि हरकत उल-जिहाद इस्लामी (हूजी), लश्कर-ए-तयबा और पाकिस्तानी फ़ौज के ओहदा दारान (जो इस मुक़द्दमा के मुल्ज़िमीन हैं) इन का निशाना हिंदूस्तानी या फिर सय्याह थे, उन के असल निशाने गोवा और मुंबई जैसे अहम सयाहती मुक़ामात थे, जहां वो पहले ही कई बार हमलों की मश्क़ करचुके थे।

ख़ुसूसी अवामी इस्तिग़ासा ने मज़ीद कहा कि चार्ज शीट में इन हमलों से मुताल्लिक़ हेडली के रोल की तफ़सीली सर अहित की गई है। एन आई ए ने गुज़श्ता साल 24 दिसंबर को 51 साला हेडली और इस के एक पाकिस्तानी नज़ाद कनेडियन दोस्त तहव्वुर हुसैन राना और लश्कर-ए-तयबा के बानी हाफ़िज़ सईद के ख़िलाफ़ चार्ज शीट पेश की थी।

इन के इलावा पाकिस्तान के दो बरसर ख़िदमत फ़ौजी ओहदादार मेजर इक़बाल और मेजर समीर अली के नाम भी इस चार्ज शीट में शामिल हैं।

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