Wednesday , December 13 2017

हेमंत क्या बोलते हैं, उन्हें खुद पता नहीं : मरांडी

झाविमो सरबराह बाबूलाल मरांडी ने वजीरे आला हेमंत सोरेन के बयानों पर चुटकी लेते हुए कहा, ‘वजीरे आला क्या बोलते हैं उन्हें खुद भी पता नहीं होता। जब हुकूमत बनी थी तो उस वक़्त कॉमन मिनिमम प्रोग्राम में यह भी शामिल था कि डोमिसायल के मुद

झाविमो सरबराह बाबूलाल मरांडी ने वजीरे आला हेमंत सोरेन के बयानों पर चुटकी लेते हुए कहा, ‘वजीरे आला क्या बोलते हैं उन्हें खुद भी पता नहीं होता। जब हुकूमत बनी थी तो उस वक़्त कॉमन मिनिमम प्रोग्राम में यह भी शामिल था कि डोमिसायल के मुद्दे पर तमाम पार्टियों की राय ली जाएगी।

पर अब बिना राय लिए ही डोमिसायल पर हुकूमत बयान दे रही है। जहां तक डोमिसायल पर उनकी राय की बात है तो जब हुकूमत उनसे राय लेगी तो वे अपनी राय देंगे..’। मरांडी ने कहा कि अपनी हुकूमत के दौरान उन्होंने डोमिसायल में वही लागू करने की कोशिश किया था, जो बिहार में लागू था। बाबूलाल मरांडी इतवार को बरगंडा वाक़ेय अपने रिहाईसगाह पर सहफ़ियों से बात कर रहे थे।

मरांडी ने कहा कि डोमिसायल का मुद्दा सिर्फ आवाम को बरगलाने के लिए उठाया जा रहा कदम है। जब हुकूमत के पास कोई काम नहीं होता तो ऐसे ही मामलों को उठाया जाता है। आदिवासी तल्बा-तालेबात के दरमियान हेमंत के लैपटॉप बांटने पर कहा कि गैर आदिवासी तालिबे इल्म भी गरीब हैं। उन्हें भी लैपटॉप मिलना चाहिए। मौके पर प्रवीण चौधरी और नुनूलाल मरांडी भी मौजूद थे।

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