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हेलीकाप्टर सौदा: हुकूमत ने पूछा इतालवी कंपनी घूसखोर का नाम बताए

नई दिल्ली, 15 फरवरी: वीवीआईपी हेलीकॉप्टर की खरीद में घूसखोरी के खुलासे से घिरी हुकूमत ने आखिरकार अब इटली की कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की दो टूक अलटीमेटम दे दी है। मामले में अपना संगीन रुख दिखाते हुए हुकूमत ने फिनमेकानिका कंपनी से

नई दिल्ली, 15 फरवरी: वीवीआईपी हेलीकॉप्टर की खरीद में घूसखोरी के खुलासे से घिरी हुकूमत ने आखिरकार अब इटली की कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की दो टूक अलटीमेटम दे दी है। मामले में अपना संगीन रुख दिखाते हुए हुकूमत ने फिनमेकानिका कंपनी से दलाली के लेनदेन का पूरा ब्योरा मांगा है। हुकूमत ने कंपनी से कहा है कि अगर इस सौदे में दलाली दी गई तो वह इस खेल में शामिल हिंदुस्तानी फर्म या अफरादों का नाम भी बताए।

अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर खरीद में इटली की अदालत में साबिक एयरफोर्स के चीफ एसपी त्यागी को रिश्वत देने को लेकर आए बिचौलिए के बयान से यह घूस का मामला और गहरा गया है। इटली की अदालत में दाखिल जांच रिपोर्ट के मुताबिक बिचौलिए ने अपने बयान में एस पी त्यागी से सौदे के सिलसिले में छह से सात बार मिलने और उनके रिश्तेदार त्यागी बिरादरान के जरिए उन्हें रिश्वत देने की बात कही है।

साथ ही इस सौदे के लिए इटली की कंपनी फिनमेकानिका के रिश्वत के लिए 217 करोड़ रुपये का फंड रखने की बात भी सामने आई है। इटली की अदालत के जरिए डील में दलाली की गहराती खाई के मद्देनजर हुकूमत ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर बनाने वाली कंपनी फिनमेकानिका से इन सवालों का जवाब मांगा है। अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी फिनमेकानिका की ही एक यूनिट है।

हेलीकॉप्टर घूसकांड में हुकूमत पर उठे सवालों के मद्देनजर वज़ारत दिफा ने जुमेरात को हेलीकॉप्टर सौदे का वाजेह ( सही) ब्योरा जारी किया। इसमें वज़ारत ने बताया है कि अगस्ता वेस्टलैंड के सीईओ से साफ कहा गया है वह दलाली को लेकर सामने आए इल्ज़ामों पर पूरी जानकारी दें। साथ ही यह बताएं कि सौदे को बदउनवान से बचाने के लिए हुए इंटीग्रिटी समझौते की खिलाफवरजी करते हुए क्या डील में किसी हिंदुस्तानी फर्म या शहरी को रिश्वत दी गई है।

बयान में यह भी कहा गया है कि हुकूमत इस डील में किसी भी तरह की गड़बड़ी में शामिल खातियों और कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। इसमें कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने का कदम भी शामिल होगा। सरकार यह साफ कर चुकी है कि इंटीग्रिटी समझौते की खिलावरजी होने पर वह कंपनी को दी गई रकम वापस लेने की हकदार है।

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