Thursday , December 14 2017

हैदराबाद की सड़कों पर लौटे भिखारी, इवांका ट्रंप की यात्रा पर था बैन

हैदराबाद : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप की 28 नवंबर को पहली बार भारत आईं थीं। उनकी यात्रा के कारण हैदराबाद की सड़कों से भिखारियों को हटा दिया गया था। हैदराबाद में पुलिस ने पिछले महीने भीख मांगने को अपराध की घोषणा की थी और डोनाल्ड ट्रम्प की बेटी की 28-29 नवंबर की यात्रा के दौरान शहर में भीख मांगने पर भी प्रतिबंध लगा दिया था।

इवांका की यात्रा खत्म होते ही हैदराबाद की सड़कों पर भिखारी भी लौट आ गए हैं। एक महीने बाद ही सरकार द्वारा संचालित आश्रयों में, जहां भिखारियों को सड़कों से हटा कर रखा गया था, वो अधिकतर खाली हो गए हैं। भिखारी धीरे-धीरे वहीं लौट रहे हैं जहां से वो आए थे। पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांगने पर रोक लगाने का आदेश 7 जनवरी तक लागू किया गया था।

हैदराबाद की सड़कों पर भीख मांगने वाले अधिकतर भिखारी आश्रय से अपने रिश्तेदारों के साथ निकल गए। उन्होंने आश्रय में अंडरटेकिंग दी कि वो फिर से सड़कों पर भीख नहीं मांगेंगे। पुलिस अधिकारी ने कहा कि यदि वही भिखारी फिर से भीख मांगते पकड़े गए, तो उन्हें पुलिस को सौंप दिया जाएगा और उनपर मुकदमा चलाया जाएगा।

हैदराबाद पुलिस 25 दिसंबर से भीख मांगने के खिलाफ एक नया अभियान शुरू करने की योजना बना रही है। एक जेल अधिकारी के अनुसार पुलिस महानिदेशक (जेलों) वीके सिंह ने आदेश दिया है कि भिखारियों की पहचान करने में जो कोई भी मदद करेगा, उसे 500 रुपये पुरस्कार मिलेगा। अधिकारी ने कहा कि भिखारियों के लिए बनाए गए विशेष घरों में उनका पुनर्वास जेलों विभाग द्वारा उठाए गए प्रयासों का हिस्सा है।

पुलिस क्व अनुसार आश्रयों में रहने के दौरान भिखारियों की काउंसलिंग की जाएगी और उन्हें फिर से भीख न मांगने की सलाह दी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘जरूरी रहा तो हम योग्य युवाओं को पेट्रोल बन्कों और विभाग द्वारा चलाए जाने वाले अन्य स्टोरों में रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे।’

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