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हैदराबाद के नाम से अलैहदा रियासत या हैदराबाद के बगै़र तेलंगाना ?

हैदराबाद, 12 जुलाई: ( सियासत न्यूज़ ) अलैहदा रियासत तेलंगाना के क़ियाम के मुतालिबा पर मुश्तमिल जद्द-ओ-जहद अब ऐसा लगता है कि अपने मंतक़ी अंजाम तक पहूंच रही है और इलाक़ा के अवाम के जज़बात-ओ-मुतालिबा को देखते हुए यू पी ए हुकूमत और कांग्रेस आली

हैदराबाद, 12 जुलाई: ( सियासत न्यूज़ ) अलैहदा रियासत तेलंगाना के क़ियाम के मुतालिबा पर मुश्तमिल जद्द-ओ-जहद अब ऐसा लगता है कि अपने मंतक़ी अंजाम तक पहूंच रही है और इलाक़ा के अवाम के जज़बात-ओ-मुतालिबा को देखते हुए यू पी ए हुकूमत और कांग्रेस आली कमान भी किसी क़तई नतीजा यह फैसला तक पहूंचने की तैयारी कर रहे हैं।

अलैहदा रियासत तेलंगाना की तशकील के मुतालिबा पर इस बात के क़वी इम्कानात हैं कि कल कोई फैसला कर लिया जाएगा ताहम ये फैसला क्या होगा इस ताल्लुक़ से मुख़्तलिफ़ तरह की कयास आराईयां शुरू हो गई हैं। कहा जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान ने आंधरा प्रदेश की तक़सीम का अमला फैसला कर लिया है ।

इस ताल्लुक़ से मुख़्तलिफ़ इम्कानात पर भी ग़ौर किया जा रहा है । कहा जा रहा है कि मर्कज़ी हुकूमत अलैहदा रियासत तो तशकील देगी ताहम इसका नाम तेलंगाना नहीं होगा और ना रॉयल तेलंगाना कहा जाएगा। तेलंगाना के दस अज़ला के इलावा रायलसीमा के दो अज़ला करनूल और अनंतपुर को भी शामिल करते हुए हैदराबाद स्टेट या रियासत हैदराबाद का नाम दिया जाएगा इसी तरह माबक़ी रियासत को आंधरा स्टेट का नाम दिया जाएगा।

इसके इलावा बाअज़ दीगर अज़ला को तरक़्क़ियाती पैकेज भी दिया जा सकता है । इलावा अज़ीं इलाक़ा आंधरा की अलैहदा रियासत में कोई दारुल-हकूमत बनने तक और तमाम इंतेज़ामी उमूर की तकमील तक हैदराबाद को जुड़वां दारुल-हकूमत भी क़रार दिया जा सकता है ।

ये एक एसी तजवीज़ है जिस के ज़रीया कांग्रेस पार्टी एक तीर से दो निशाना कर सकती है । एक तो अलैहदा रियासत के क़ियाम का ऐलान करते हुए इलाक़ा तेलंगाना में अपना मौक़िफ़ मुस्तहकम कर सकती है तो सारे हिंदुस्तान में हैदराबाद स्टेट के नाम पर मुसलमानों की हमदर्दियां भी हासिल की जा सकती हैं।

दूसरी तजवीज़ ये भी है कि अलैहदा रियासत तेलंगाना ही तशकील दे दी जाये ताहम हैदराबाद को इसका हिस्सा बनाने से गुरेज़ किया जाये । हैदराबाद के बगैर तेलंगाना क़ायम करते हुए हैदराबाद को मर्कज़ी ज़ेर इंतेज़ाम इलाक़ा बनाने यह ख़ुद इख्तेयारी बोर्ड के तहत इस को देने की तजवीज़ पर भी सरगर्मी से ग़ौर हो रहा है ।

ताहम अलैहदा रियासत तेलंगाना की तहरीक चलाने वाले गोशा इस तजवीज़ को कुबूल करने को तैयार नहीं हैं । इलावा अज़ीं कल कांग्रेस कोर कमेटी इजलास में किसी ना किसी फैसले के इम्कान को महसूस करते हुए सीमा आंधरा से ताल्लुक़ रखने वाले क़ाइदीन भी सरगर्म हो गए हैं और उन्होंने क़ब्ल अज़ वक़्त ही कल 12 जुलाई जुमा को सीमा आंधरा बंद मनाने का ऐलान कर दिया है ।

जिस तरह तेलंगाना मसले पर अब हर हर लम्हा तजस्सुस बढ़ता जा रहा है इसी तरह दारुल-हकूमत दिल्ली में इस मसले पर सरगर्मियां भी बढ़ गई हैं। इलाक़ा तेलंगाना और सीमा आंधरा के क़ाइदीन दिल्ली में हर हर गोशा तक पहूंच कर अपने एहसासात से वाक़िफ़ करवाने में जुट गए हैं और दोनों ही इलाक़ों के क़ाइदीन किसी ना किसी तरह अपने अपने मक़सद को कामयाब करने की जद्दो जहद कर रहे हैं।

एक तरफ़ तेलंगाना के क़ाइदीन मर्कज़ी हुकूमत और पार्टी हाईकमान पर अलैहदा रियासत की तशकील के लिए दबाव बढ़ाने में मसरूफ़ हैं तो दूसरी तरफ़ सीमा आंधरा क़ाइदीन ने भी अपनी सरगर्मियां तेज़ कर दी हैं और ऐसा लगता है कि वो पार्टी हाईकमान और मर्कज़ी हुकूमत से तक़रीबा मायूस होने के बाद राष्ट्रपति भवन से उम्मीदें लगाए हुए हैं।

बावसूक़ ज़राए से मालूम हुआ है कि सीमा आंधरा के क़ाइदीन ने सदर जम्हूरीया से मुलाक़ात करते हुए अलैहदा रियासत की तशकील यह फिर आंधरा प्रदेश की तक़सीम को रोकने की ख़ाहिश करने का फैसला किया है । ये सरगर्मियां इसे वक़्त में मज़ीद बढ़ गई हैं जब आंधरा प्रदेश में कांग्रेस उमूर के निगरान बनाए गए कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी दिग्विजय विजय सिंह ने एक बार फिर ये वाज़िह कर दिया है कि तेलंगाना मसले पर फैसला करने का वक़्त आ गया है ।

अभी तक इस मसला को लेत-ओ-लाल का शिकार किया गया था लेकिन ये एक ऐसा मसला है जिस को मज़ीद इलतिवा में डालने से पार्टी को नुक़्सान हो सकता है । अब इस पर आर्या पार का फैसला करना ज़रूरी हो गया है और कल कांग्रेस कोर कमेटी का जो इजलास होने वाला है इस में सिर्फ़ मसले तेलंगाना पर ग़ौर होगा और दो ही पहलू ज़ेर ग़ौर होंगे ।

एक पहलू अलैहदा रियासत की तशकील का होगा और दूसरा रियासत को मुत्तहिद रखने का होगा । दोनों ही पहलूओं पर तफ़सीली तौर पर ग़ौर-ओ-ख़ौज़ होगा और इसके बाद किसी फैसले का ऐलान हो सकता है । कल होने वाले कोर कमेटी के इजलास की अहमियत इस लिए भी बढ़ गई है क्योंकि इस में कमेटी के रुकन ना होने के बावजूद कांग्रेस के नायब सदर राहुल गांधी के इलावा दीगर दो क़ाइदीन भी शिरकत करेंगे जो कमेटी के रुकन नहीं हैं।

ये क़ाइदीन आंधरा प्रदेश में कांग्रेस उमूर के साबिक़ निगरान-ओ-मर्कज़ी वज़ीर ग़ुलाम नबी आज़ाद और मौजूदा कांग्रेस उमूर निगरान मिस्टर दिग्विजय विजय हैं । दिल्ली में जारी सरगर्मियों और आंधरा प्रदेश की तक़सीम के इम्कानात को देखते हुए आंधरा प्रदेश में ला एंड आर्डर की सूरत-ए-हाल पर भी सरकारी मिशनरी ने जायज़ा लेना शुरू कर दिया है ।

इसी सिलसिला में रियासत के चीफ सेक्रेटरी पी के मोहंती ने रियासती सैक्रेटरीएट में रियासत के डायरैक्टर जनरल पोलीस मिस्टर वे दिनेश रेड्डी के साथ रियासत में ला एंड आर्डर की सूरत-ए-हाल पर ग़ौर किया । समझा जाता है कि उन्होंने रियासत की तक़सीम या उसे मुत्तहिद रखने की सूरत में पैदा होने वाली सूरत-ए-हाल और कल सीमा आंधरा में मालना बंद के ऐलान से भी पैदा होने वाले हालात का इस इजलास में जायज़ा लिया है ।

कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी दिग्विजय सिंह ने दिल्ली में मीडिया से बात चीत करते हुए कहा कि अलैहदा रियासत पर कल कोई फैसला तक़रीबा कर लिया जाएगा । उन्होंने बताया कि ज़रूरत पड़ने पर यू पी ए हुकूमत ना सिर्फ़ अपनी हलीफ़ जमातों से बल्कि अपोज़ीशन जमातों से भी तबादला ख़्याल करेगी ।

इसके इलावा उन्होंने कहा कि ज़रूरत पड़ने पर दस्तूर में तरमीम से भी गुरेज़ नहीं किया जाएगा । इनका ये रिमार्क अहमियत का हामिल है क्योंकि दस्तूरी माहिरीन के बमूजब अलैहदा रियासत तेलंगाना की तशकील के लिए दस्तूर में तरमीम की ज़रूरत नहीं होगी और पहले ही से दस्तूर की दफ़ा 3 मौजूद है ।

ताहम दस्तूरी तरमीम की ज़रूरत महज़ इस सूरत में पड़ सकती है जब हैदराबाद को तेलंगाना का हिस्सा बनाने से गुरेज़ किया जाये । अगर हैदराबाद को मर्कज़ी ज़ेर इंतेज़ाम इलाक़ा बनाने का किसी बाइख्तेयारी बोर्ड के तहत उसे लाने का फैसला किया जाता है तो फिर दस्तूर में तरमीम की ज़रूरत पेश आ सकती है ।

मर्कज़ी हुकूमत और कांग्रेस आली कमान इन तमाम उमूर पर बड़ी बारीकी से जायज़ा लेने के बाद ये तास्सुर आम होता जा रहा है कि अब तेलंगाना मसले पर फैसला होना तक़रीबन यक़ीनी है । इस दौरान दिग्विजय सिंह की हिदायत पर रियासत के चीफ मिनिस्टर मिस्टर किरण कुमार रेड्डी डिप्टी चीफ मिनिस्टर मिस्टर डी राज नरसिम्हा और सदर प्रदेश कांग्रेस मिस्टर बोतसा सत्यनारायना ने उनसे मुलाक़ात की और रियासत की तक़सीम या उसे मुत्तहिद रखने के ताल्लुक़ से अपनी अपनी राय से उन्हें वाक़िफ़ करवाया है ।

दिग्विजय सिंह ने बताया कि तीनों क़ाइदीन की आरा उन्हें मिल गई हैं और कल कोर कमेटी में जो भी फैसला किया जाएगा वो इन तीनों क़ाइदीन की राय पर ही मुश्तमिल रहेगा। तेलंगाना से ताल्लुक़ रखने वाले बाअज़ बाअसर ज़राए का कहना है कि कांग्रेस कोर कमेटी ने पंद्रह दिन क़ब्ल मुनाक़िदा अपने इजलास में ही तेलंगाना के ताल्लुक़ से फैसला कर लिया था और अब सिर्फ़ इस फैसले का ऐलान करना बाक़ी है ।

आज तेलंगाना से ताल्लुक़ रखने वाले और सीमा आंधरा से ताल्लुक़ रखने वाले वुज़रा ने भी दिग्विजय सिंह से अलैहदा अलैहदा मुलाक़ातें करते हुए अपने अपने मौक़िफ़ से वाक़िफ़ करवाया । बाअज़ गोशों ने बताया कि हैदराबाद रियासत की तश्कील यह अलैहदा रियासत के क़ियाम की सूरत आंधरा में पानी के मसला को हल करने भद्राचलम को तक़सीम किया जाएगा यह फिर उसे आंधरा में ज़म भी किया जा सकता है।

पुलिस के आली ओहदेदारों ने भी कल सीमा आंधरा बंद के ऐलान और कल कांग्रेस कोर कमेटी की जानिब से तेलंगाना पर किसी फैसले के इम्कानात को महसूस करते हुए रियासत में ला एंड आर्डर की सूरत-ए-हाल का जायज़ा लिया और तमाम तर सकेवरेटी इंतेज़ामात पर भी ग़ौर किया गया ।

कहा गया है कि पुलिस फ़ोर्स को हर दो सूरतों में पैदा होने वाली सूरत-ए-हाल के लिए तैयार रहने की हिदायत दी गई है ।

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