Wednesday , December 13 2017

हैदराबाद: जलाए गए मदरसे के तालिब ए इल्म की मौत, फौज पर लगे इल्ज़ाम

हैदराबाद में 11 साल के बच्चे की जुमेरात के रोज़ को अस्पताल में मौत हो गई, जिसे मुबय्यना तौर पर नामालूम फौजियों ने आग के हवाले कर दिया था। शेख मुस्तफाउद्दीन नाम का यह बच्चा बुध के रोज़ मेहदीपट्टनम के गैरिसन इलाके में ज़ख्मी हालत में मिल

हैदराबाद में 11 साल के बच्चे की जुमेरात के रोज़ को अस्पताल में मौत हो गई, जिसे मुबय्यना तौर पर नामालूम फौजियों ने आग के हवाले कर दिया था। शेख मुस्तफाउद्दीन नाम का यह बच्चा बुध के रोज़ मेहदीपट्टनम के गैरिसन इलाके में ज़ख्मी हालत में मिला था और उसकी हालत बेहद नाजुक थी। लडके की जुमेरात के रोज़ डीआरडीओ अपोलो अस्पताल में मौत हो गई।

लाश को सरकारी अस्पताल उसमानिया जनरल हॉस्पीटल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने किसी नाखुशगवार वाकिया के इम्कान के मद्देनजर एहतियातन फौजी इलाके में सेक्युरिटी कडी कर दी है। बच्चा एक मदरसे का तालिब ए इल्म था।

उसने मजिस्ट्रेट को दिए बयान में बताया कि फौज के कुछ जवानों ने उस पर किरासन तेल छिडककर उसे आग लगा दिया। बताया जा रहा है कि सिद्दीक नगर के रहने वाले बच्चे को दो फौजियों ने गैरिसन इलाके में अंदर बुलाया था। बच्चे की पहले मुबय्यना तौर पर पिटाई की गई और फिर उसे आग के हवाले कर दिया गया।

बच्चे को बाद में गैरिसन के मेन गेट के पास ज़ख्मी हालत में पाया गया। उसका जिस्म 90 फीसदी जल चुका था।

हुमायुनगर पुलिस थाने में नामालूम फौजियो के खिलाफ कत्ल की कोशिश का मामला दर्ज किया गया था, जो अब कत्ल का मामला बन जाएगा। पुलिस ने वाकिया की जांच के लिए एक स्पेशल टीम की तश्कील की है।

हैदराबाद के पुलिस कमिशनर महेंद्र रेड्डी ने कहा कि गुनाहगारों को बख्शा नहीं जाएगा। वाकिया के बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है। लोगों ने सडकों पर निकलकर फौजियो के खिलाफ एहतिजाजी मुज़ाहिरा किया, जिसके बाद भीड को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पडा। वहीं, फौज के इंतेज़ामिया ने वाकिया में फौज के किसी जवान का हाथ होने से इंकार किया है।

फौज की ओर से जारी बयान में कहा गया है, जांच में पता चला है कि यह इल्ज़ाम बेबुनियाद है और वाकिया में फौज के जवान का हाथ नहीं है। फौज इस् वाकिया की मुज़म्मत करती है। वाकिया की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए फौज पुलिस को पूरी मदद करेगी।

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