Friday , December 15 2017

हैदराबाद धमाकाः हर तरफ था हाहाकार और अफरातफरी

हैदराबाद, 22 फरवरी: करीब 100 से 150 मीटर की दूरी पर हुए हैदराबाद में दो धमाको के बाद एकदम भगदड़ जैसी हालात पैदा हो गई। लोग एक दूसरे को धक्का देते, गिरते पड़ते जिस तरफ राह दिख रही थी, उसी तरफ लोग भाग रहे थे।

हैदराबाद, 22 फरवरी: करीब 100 से 150 मीटर की दूरी पर हुए हैदराबाद में दो धमाको के बाद एकदम भगदड़ जैसी हालात पैदा हो गई। लोग एक दूसरे को धक्का देते, गिरते पड़ते जिस तरफ राह दिख रही थी, उसी तरफ लोग भाग रहे थे।

हर किसी को अपनी और अपनों की हिफाज़त की फिक्र सता रही थी। और धमाके के खदशे से डरे हुए लोग कहीं ऐसी जगह छिप जाना चाह रहे थे। चारों तरफ चीख-चिल्लाहट थी और मोबाइल की घंटियां बज रही थीं।

धमाके की जगह तबाह हो गए थे। कई गाड़ियां जल रहे थे। यहां-वहां लाशें बिखरी थीं। पहले धमाके में मौके पर ही आठ और दूसरे में तीन जानें गईं। पचास से ज्यादा लोग बुरी तरह जख़्मी थे। चारों तरफ खून बिखरा था और कहीं-कहीं जिस्म के चीथड़े पड़े थे।

काफी देर तक इन जिस्म को उठाने वाला भी कोई नहीं था। जबकि जख्मी कराह और चिल्ला रहे थे। पूरा नज़ारा बेहद खौफनाक था। भगदड़ में लोगों के और सामान चारों तरफ बिखरा था।

दिलसुखनगर इलाका घनी आबादी वाला है और शाम के वक्त आए दिन यहां ट्रैफिक जाम होता है। दफ्तर से छूटे लोग और स्कूल‍ कालेजों से निकले बच्चे‍ जवान घर की तरफ भागते हैं। बड़ी तादाद में लोग इस इलाके में बस स्टैंड, रेस्तराओं और दुकानों पर भी रहते हैं।

जिस वक्त धमाका हुआ था, नजदीक के वेंकटागिरी सिनेमाघर का शो छूटा था और भीड़ सड़कों पर आ गई थी।

दोनों धमाको के बीच पांच मिनट का फर्क था। दूसरे धमाके के बाद लोग और धमाका होने के इम्कान से बेहद डर गए थे। इस वजह से भगदड बहुत जबर्दस्त रही। एक ऐनी शाहिदीन के मुताबिक , ‘मैंने वक्त तो नहीं देखा लेकिन शाम को अचानक एक धमाका हुआ और चारों तरफ धुआं फैल गया।

कई जगहों पर कांच टूटे और हवा में बिखर गए। कुछ कांच के टुकड़े मेरे सिर पर भी आकर गिरे। जिस जगह पर धमाका हुआ, वहां करीब सौ लोग मौजूद थे।’ अस्पतालों की हालात भी मामूल नहीं थी। इंतेज़ाम न होन के वजह लोगों में गुस्सा साफ दिख रहा था।

मौके पर मौजूद लोगों को कुछ देर तक यही लगता रहा कि कोई सिलेंडर फटा है क्योंकि पहला विस्फोट कोणार्क थियेटर एरिया की एक चाय-नाश्ते की दुकान के नजदीक हुआ था। जहां काफी भीड़ थी। जब तक लोग हकीकत समझ पाते उनके आस पास पांच‍छह लाशें बिखरे हुए थे। कई लोग जख्मी हो चुके थे।

आवाम कंट्रोल रूम को इन न‍बरात 9490617207 और 9490617208 पर राबिता करके तफ्सीलात हासिल की जा सकती है |

TOPPOPULARRECENT