Thursday , December 14 2017

हैदराबाद में सीमांध्र अवाम की पचास फ़ीसद आबादी

रियास्ती वज़ीर मादन्नीयात जी अरूना कुमारी ने आज ऐवान में जारी रियासत की तक़सीम से मुताल्लिक़ बिल पर मुबाहिस में हिस्सा लेते हुए रियासत की तक़सीम की शदीद मुख़ालिफ़त की और कहा कि इस से रियासत के अवाम बिलख़ुसूस पसमांदा इलाक़े मुतास्सिर हो

रियास्ती वज़ीर मादन्नीयात जी अरूना कुमारी ने आज ऐवान में जारी रियासत की तक़सीम से मुताल्लिक़ बिल पर मुबाहिस में हिस्सा लेते हुए रियासत की तक़सीम की शदीद मुख़ालिफ़त की और कहा कि इस से रियासत के अवाम बिलख़ुसूस पसमांदा इलाक़े मुतास्सिर होंगे। उन्हों ने बताया कि हैदराबाद के कई इलाक़ों में सीमा-आंध्र से ताल्लुक़ रखने वाले अवाम की 50 फ़ीसद आबादीयां मौजूद हैं जोकि शहर की तरक़्क़ी और वुसअत में अपना अहम किरदार अदा कर रही हैं।

जी अरूना कुमारी ने दावा किया कि रियासत की तक़सीम का असर तलबा के मुस्तक़बिल पर भी पड़ेगा और उन्हें क़ौमी इदारे जो कि तेलंगाना में क़ायम हैं, उन में दाख़िलों में दुशवारीयों का सामना करना पड़ सकता है। रियास्ती वज़ीर ने कहा कि हैदराबाद में कई अहम मल्टीनेशनल कंपनीयां क़ायम हैं, जिन में ज़ाइद अज़ एक लाख नौजवान जिन का ताल्लुक़ सीमा-आंध्र से है, बरसरे ख़िदमत हैं।

जी अरूना कुमारी ने बताया कि रियासत की तक़सीम से इलाक़ा राइलसीमा के मज़ीद पसमांदा होने का ख़दशा है जोकि इब्तिदा से ही पसमांदा है। उन्हों ने बताया कि रियासत की तक़सीम से मुताल्लिक़ मर्कज़ की जानिब से किए गए फ़ैसला के ख़िलाफ़ सीमा आंध्र इलाक़ों में अवाम का हर तबक़ा एहतेजाज कर रहा है।

रियास्ती वज़ीर ने रियासत की तक़सीम से पैदा होने वाले मज़ीद कई ख़द्शात का इज़हार करते हुए कहा कि सीमा-आंध्र इलाक़ों के साथ मुसलसल नाइंसाफ़ी का सुलूक रखा गया, जिस के ज़्यादा असरात राइलसीमा पर मुरत्तिब हुए लेकिन इस के बावजूद भी आज रियासत की तक़सीम का फ़ैसला किया जा रहा है जोकि रियासत के अवाम के मुफ़ाद में नहीं है।

जी अरूना कुमारी ने मुख़्तलिफ़ उमूर और हुकूमतों के दौर में हुए तरक़्क़ीयाती कामों का तज़किरा करते हुए कहा कि हैदराबाद और तेलंगाना ने तरक़्क़ी के बेहतरीन समरात हासिल किए हैं। उन्हों ने तेलुगु अवाम और रियासत के मुफ़ादात के तहफ़्फ़ुज़ के लिए रियासत की तक़सीम ना करने की अपील करते हुए आंध्र प्रदेश तशकील जदीद बिल 2013 की मुख़ालिफ़त की और कहा कि वो इस इक़दाम की मुख़ालिफ़ हैं।

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