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हैदराबाद से जा रहा हूँ लेकिन आता रहूँगा: चन्द्रबाबू नाइडू

हैदराबाद: आन्ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नाइडू आन्ध्र प्रदेश की लेजिस्लेटिव कौंसिल जो हैदराबाद में है, में अपना आख़िरी भाषण देते हुए ख़ासे जज़्बाती रहे. उन्होंने अपने सियासी सफ़र का ज़िक्र करते हुए कहा कि एक वक़्त था जब उन्हें प्रधानमंत्री बनाया जा रहा था, तब उनके बेटे लोकेश ने उन्हें सलाह दी कि प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहिए. हैदराबादी शहर से अपने 38 साल के जज़्बाती रिश्ते को बताते हुए कई दफ़ा वो खो से गए. उन्होंने बताया कि 28 साल की उम्र में पहली बार वो विधानसभा पहुंचे, सन 1978 की बात है जब उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ एम् चेन्ना रेड्डी से कहा कि वो उन्हें मंत्री बनाएं. इस बात को चेन्ना रेड्डी ने मज़ाक़ में लिया और चन्द्रबाबू की कम उम्र की वजह से उन पर हँसे. 1980 में उन्हें आन्ध्र प्रदेश कैबिनेट में शामिल किया गया और वो सिनेमेटोग्राफी मंत्री बने. इस दौरान उनकी मुलाक़ात एनटी रामा राव से हुई और उन्होंने एनटीआर को सलाह दी कि वो राजनीति में आयें.
अपनी शादी की 35वीं सालगिरह के मौक़े पर उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने ससुर से दहेज़ नहीं माँगा. उन्होंने कहा कि आन्ध्र का मुख्य मंत्री होने के नाते मुझे हैदराबाद से जाना होगा लेकिन तेलुगु देशम पार्टी का अध्यक्ष होने के नाते मैं हैदराबाद आता रहूँगा. उन्होंने कहा कि अटल बिहारी बाजपाई से राष्ट्रपति अवुल पकिर जैनुल अबिदीन अब्दुल कलाम को बनाने के बारे में भी उन्होंने बात की थी. उन्होंने कहा कि गुजरात दंगों के बाद में वो चाहते थे कि नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री पद से हटा दिया जाए लेकिन जब मोदी प्रधानमंत्री बन गए तो बातें अलग हो गयीं.

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