Wednesday , May 23 2018

हैवानियत की हद पार, फौजी की आंखें निकालीं

जम्मू, 04 अप्रैल: जम्‍मू में एक सनसनीखेज वाकिये में नामालूम हमलावरों ने फौज के एक जवान की आंखें निकाल लीं और उसे बुरी तरह जख्मी कर सड़क पर फेंक दिया।

जम्मू, 04 अप्रैल: जम्‍मू में एक सनसनीखेज वाकिये में नामालूम हमलावरों ने फौज के एक जवान की आंखें निकाल लीं और उसे बुरी तरह जख्मी कर सड़क पर फेंक दिया।

जवान राकेश कुमार दत्ता (32) को फौजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाज़ुक बनी हुई है। हमलावरों के बारे में फिलहाल कोई सुराग नहीं मिल सका है।

हालांकि पुलिस का मानना है कि ये दहशतगर्दी वारदात नहीं है। पुलिस के मुताबिक, ये रंजिशन की गई वारदात मालूम हो रही है।

इत्तेला के मुताबिक, किश्तवाड़ में 3-डोगरा रेजिमेंट के जवान राकेश कुमार दत्ता का एक महीने की छुट्टी काट कर ड्यूटी के लिए वापस जा रहा था। राकेश के वालिद कुलदीप दत्‍ता ने बताया कि वह पीर के दिन घर से निकला था, लेकिन रास्ते में उसको अगवा कर लिया गया।

दो दिन बाद बुध के दिन अखनूर के चौकी चौरा इलाके में वह सड़क किनारे बेहोश पड़ा मिला।

अगवाकारों ने उसकी एक आंख निकाल ली थी और दूसरी आंख निकालने की कोशिश में पूरी तरह ज़ख्मी कर दी थी। इसके बाद उसे सड़क पर फेंक दिया।

उधर, नौशहरा के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट पुलिस पुरुषोत्तम का कहना है कि राकेश के बयान पर उसके पड़ोसी मकबूल हुसैन, सरपंच परवेज अहमद, नजीर हुसैन को पूछताछ के लिए गिरफ्तार किया है, जबकि वली मुहम्मद की तलाश जारी है। एसएसपी जम्मू राजेश्वर सिंह का कहना है कि पुलिस फिलहाल दो पहलुओं राकेश की दुश्मनी व दूसरी औरत के साथ कोई ताल्लुक को लेकर जांच कर रही है।

चौकी चोरा के सरपंच खजूर सिंह का कहना है कि उन्हें बुध की सुबह लक्ष्मण सिंह का फोन आया कि टिल्लू मोडा गांव में तालाब के किनारे एक शख्स खून से लथपथ हालत में पड़ा हुआ है। उन्होंने पुलिस को इत्तेला किया। पुलिस ने राकेश को अखनूर अस्पताल में पहुंचाया तो डॉक्टरों ने पाया कि उसकी दोनों आंखें निकाल ली गई हैं।

जवान बेसुध हालत में कराह रहा था और उसकी पहचान भी नहीं हो पा रही थी, क्योंकि उसके पास न तो कोई मोबाइल फोन था और न ही कोई दस्तावेज। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उसने बड़ी मुश्किल से अपने बड़े भाई का मोबाइल नंबर लिखवाया। उसका भाई कश्मीर में फौज में तैनात है।

पुलिस ने जब फोन मिलाया तो राकेश की पहचान हो सकी और उसके घर वालों को इत्तेला दी गयी। उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे जीएमसी रेफर कर दिया गया। राकेश जब घर से निकला था तो उसके पास मोबाइल फोन, नकदी और बैग था, जो गायब है। पुलिस ने नामालूम लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

डॉक्टरों का कहना है कि राकेश की दोनों आंखें चाकू से निकाली गई हैं, जिसे मेडिकल टर्म में इन्यूकिलेशन कहा जाता है। इन्यूकिलेशन में दोबारा रोशनी के इम्कान नहीं होते, क्योंकि आंख पूरी बॉल समेत निकाल ली गई होती है। डॉक्टरों ने राकेश के पेट व जिस्म के दूसरे हिस्सों का एक्स-रे भी करवाया है, लेकिन उसमें मारपीट का कोई निशान नहीं मिला। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के वाकिया को पांच-छह लोग ही अंजाम दे सकते हैं।

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