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हॉकी इंडिया ने हॉकी झारखंड के हाशमी, सावित्री और सुरेश पर बैन लगाया

हॉकी इंडिया ने हॉकी झारखंड के साबिक़ आला नायब सदर एसएम हाशमी, जेनरल सेक्रेटरी सावित्री पूर्ति और खजांची सुरेश कुमार पर चार-चार साल का पाबंदी लगा दिया है।

हॉकी इंडिया ने हॉकी झारखंड के साबिक़ आला नायब सदर एसएम हाशमी, जेनरल सेक्रेटरी सावित्री पूर्ति और खजांची सुरेश कुमार पर चार-चार साल का पाबंदी लगा दिया है।

तीनों पर हॉकी इंडिया के दस्तूरुल अमल के खिलाफ काम करने, गैर कानूनी तौर से हॉकी झारखंड का इंतिख़ाब कराने और हॉकी इंडिया की तरफ से तकर्रुरी रिटर्निग ऑफिसर आरके श्रीवास्तव को धमकी देने और उनके खिलाफ गलत ज़ुबान का इस्तेमाल करने का इल्ज़ाम लगाया गया है।

23 सितंबर को फरीदाबाद वाकेय हॉकी इंडिया के जेनरल सेक्रेटरी के ऑफिस में हॉकी इंडिया की डिसिप्लेनरी/डिस्प्यूट कमेटी की बैठक में ये फैसला लिया गया। इस पाबंदी के बाद तीनों 23 सितंबर 2014 से 22 सितंबर 2018 तक हॉकी इंडिया या हॉकी इंडिया के किसी मेम्बर अदारे या हॉकी इंडिया की तरफ से मंजूर किसी भी तरह के टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।

18 सितंबर को हॉकी झारखंड की एजीएम और इंतिख़ाब के बाद हॉकी इंडिया ने तीनों को 23 सितंबर को ये बैठक के लिए इन्वाइट किया था, लेकिन बैठक में सिर्फ सावित्री पूर्ति ही मौजूद हुई। एसएम हाशमी और सुरेश कुमार ने बैठक में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया।

चार साल का पाबंदी लगाये जाने के बाद तीनों के पास चेयरमैन ऑफ द हॉकी इंडिया मेंबर्स ग्रीवांस रिड्रेसल कमेटी के सामने हॉकी इंडिया के ये फैसले को 30 दिन के अंदर चैलेंज देने का मौका होगा।

यह एकतरफा फैसला है। फैसले से काफी तकलीफ पहुंची है। यह पूरी तरह हिटलरशाही है। इस फैसले के खिलाफ मैं आइओए की एथिक्स कमेटी, झारखंड व दिल्ली हाई कोर्ट में दरख्वास्त करूंगा।
एसएम हाशमी

हॉकी इंडिया की तरफ से मुझे चार साल के लिए बैन किये जाने के फैसले को मैं अदालत में चैलेंज दूंगी। यह पूरी तरह एकतरफा फैसला है। मैंने हॉकी के लिए काफी कुछ किया है और आगे भी लड़ती रहूंगी।
सावित्री पूर्ति

साल 2009 से हॉकी इंडिया की नजर हॉकी झारखंड पर थी। फिलहाल इंतिख़ाब से ताल्लुक मामला अदालत में जेरे गौर है। अब इस बैन के फैसले को भी हम अदालत में चैलेंज देंगे।
सुरेश कुमार

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