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हॉलैंड की हुकूमत का नक़ाब पर पाबंदी लगाने का इरादा

योरपी मुल्क हॉलैंड की काबीना ने अवामी मुक़ामात पर पूरे चेहरे के पर्दे पर पाबंदी लगाने की मंज़ूरी दे दी है। इस क़ानून के निफ़ाज़ के लिए उस की मंज़ूरी मुल्क की पार्लीमान से ली जाना ज़रूरी है और वज़ीर-ए-आज़म मार्क रूट का कहना है कि इस का मक़सद कि

योरपी मुल्क हॉलैंड की काबीना ने अवामी मुक़ामात पर पूरे चेहरे के पर्दे पर पाबंदी लगाने की मंज़ूरी दे दी है। इस क़ानून के निफ़ाज़ के लिए उस की मंज़ूरी मुल्क की पार्लीमान से ली जाना ज़रूरी है और वज़ीर-ए-आज़म मार्क रूट का कहना है कि इस का मक़सद किसी मज़हब से इमतियाज़ी सुलूक नहीं।

मुजव्वज़ा क़ानून के तहत मुल्क में अवामी ट्रांसपोर्ट, स्कूलों, हस्पतालों और सरकारी दफ़ातिर में चेहरा ढांपने पर पाबंदी होगी और इस में नक़ाब के इलावा स्कीइंग के लिए पहनने जाने वाले मासिक और हेल्मट भी शामिल होंगे।

हेग में सहाफ़ीयों से बातचीत में हॉलैंड के वज़ीर-ए-आज़म का कहना था कि हॉलैंड जैसे आज़ाद मुल्क में हर किसी को अपनी मर्ज़ी का लिबास पहनने की इजाज़त है। ये आज़ादी सिर्फ़ इस सूरत-ए-हाल में महिदूद होगी जब लोगों का एक दूसरे को देखना ज़रूरी हो।

माज़ी में हॉलैंड की हुकूमत की जानिब से बुर्क़ा पर पाबंदी आइद करने की कोशिश को मुल्क के आईन में मज़हबी आज़ादी की शक़ों से मुतसादिम क़रार दिया जा चुका है।

ख़्याल रहे कि यूरोप में नक़ाब पर पाबंदी का मुआमला नया नहीं और फ़्रांस ने सन 2010 से पूरे चेहरे के नक़ाब पर पाबंदी आइद की हुई है। यूरोप की अदालत बराए इंसानी हुक़ूक़ ने गुज़शता बरस फ़्रांस की जानिब से लगाई जाने वाली इस पाबंदी की तौसीक़ की थी।

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