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हॉस्पिटल्स के इंतिज़ामात मर्कज़ के दायरा कार में नहीं आते : ग़ुलाम नबी आज़ाद

नई दिल्ली, १३ जनवरी (पी टी आई) राजस्थान के एक हॉस्पिटल में फ़ालिजज़दा एक मरीज़ के जिस्म पर चूहों का पहुंच जाना और इस के जिस्म के मुख़्तलिफ़ हिस्सों को कतरने के वाक़िया ने जहां हर ख़ास-ओ-आम को मुतहय्यर कर दिया है, वहीं वज़ीर-ए-सेहत ग़ुलाम नबी

नई दिल्ली, १३ जनवरी (पी टी आई) राजस्थान के एक हॉस्पिटल में फ़ालिजज़दा एक मरीज़ के जिस्म पर चूहों का पहुंच जाना और इस के जिस्म के मुख़्तलिफ़ हिस्सों को कतरने के वाक़िया ने जहां हर ख़ास-ओ-आम को मुतहय्यर कर दिया है, वहीं वज़ीर-ए-सेहत ग़ुलाम नबी आज़ाद ने इस वाक़िया की तमाम तर्ज़ुमा दारी रियास्ती हुकूमत के सर थोप दी और कहा कि सरकारी हॉस्पिटल्स में मरीज़ों की निगरानी और ईलाज केलिए मुनासिब इंतिज़ामात होने चाहीए।

राजस्थान के महिकमा-ए-सेहत को मौरिद इल्ज़ाम ठहराते हुए मिस्टर आज़ाद ने कहा कि मर्कज़ी हुकूमत का काम सिर्फ फंड्स फ़राहम करने का ही, दीगर ज़िम्मेदारीयां रियास्ती हुकूमत के दायरा कार में आती हैं। हॉस्पिटल्स में कैसे हालात पाए जाते हैं और उन की मज़ीद बेहतरी केलिए रियास्ती हुकूमत और महिकमा-ए-सेहत ज़िम्मेदार है।

मिस्टर आज़ाद ने रैड रिबन ऐक्सप्रैस के तीसरे मरहला के लिए ट्रेन को झंडी दिखाने के बाद अख़बारी नुमाइंदों से गुफ़्तगु करते हुए ये बात कही। मज़कूरा ट्रेन एच आई वि के लिए बेदारी मुहिम चलाते 23 रियास्तों का अहाता करते हुए 162 स्टेशनों पर तवक्कुफ़ करेगी।

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