होम एप्लायंस, जूते, सैनिट्री नैपकिन, पेंट सहित इन उत्पादों पर घटाया गया टैक्स

होम एप्लायंस, जूते, सैनिट्री नैपकिन, पेंट सहित इन उत्पादों पर घटाया गया टैक्स
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आज जीएसटी काउंसिल की 28वीं बैठक हुई जिसमें कई अहम वस्तुओं पर जीएसटी की दर को घटाया गया है. जीएसटी काउंसिल ने आज बड़ा फैसला लिया है जिसके बाद होम एपलायंसेज पर लगने वाले 28 फीसदी टैक्स को घटाया गया है. इलेक्ट्रॉनिक आईटम जैसे फ्रिज, वाशिंग मशीन, टीवी जैसे उत्पादों पर जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी किया गया है. सूत्रों के हवाले से ये खबर आई है. आम जनता के लिए ये बेहद राहत की खबर है और इन उत्पादों पर जीएसटी घटने से इन पर लगने वाला टैक्स कम होगा और ये उत्पाद सस्ते होंगे.

इसके अलावा जीएसटी काउंसिल ने अहम फ़ैसला लिया है कि सैनिट्री नैपकिन को जीएसटी से बाहर कर दिया जाए यानी सैनिट्री नैपकिन पर जीएसटी की दर को शून्य कर दिया गया है. इस पर जीएसटी की दर पहले 12 फ़ीसदी थी जिसे हटाकर 0 फ़ीसदी कर दिया गया है. इसके अलावा पेंट को भी 28 फीसदी के स्लैब से घटाकर 18 फीसदी किया गया है. आने वाले त्योहारों के सीजन में आपके लिए घरों में पेंट कराना महंगा नहीं पड़ेगा.

इन वस्तुओं पर घटा जीएसटी
पत्थर, लकड़ी और संगमरमर से बनी देवी देवताओं की मूर्तियों पर जीएसटी शून्य फीसदी किया गया.
1000 रुपए तक के फुटवियर पर 5 फीसदी जीएसटी लगेगा
पहले 500 रुपये तक के फुटवियर पर 5 फीसदी जीएसटी लगता था. उसकी सीमा बढ़ाई गई है.
फोर्टिफाइड मिल्क पर जीएसटी दर शून्य होगी.
पेंट, रेफ्रिजरेटर, वैक्यूम क्लीनर, 25 इंच तक के टीवी सेट आदि एक दर्जन इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों पर 28 से घटा कर 18 फीसदी टैक्स लगेगा
चीनी मिलों द्वारा तेल कम्पनियों को बेचे जाने वाले एथेनॉल पर जीएसटी दर 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किया गया
चीनी मिलों के पास ज़्यादा पैसा बचेगा जिससे किसानों का बकाया दिया जा सके

व्यापारियों के लिए राहत
छोटे व्यापारियों के लिए रिटर्न की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है जिसके तहत 5 करोड़ रुपए तक टर्नओवर पर टैक्स तो हर महीने लगेगा लेकिन रिटर्न 3 महीने पर एक बार देना होगा. जीएसटी देने वाले करीब 93 फीसदी व्यापारियों को इससे बड़ी राहत मिलेगी.

जीएसटी के 80 लाख छोटे टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत-सुशील मोदी
जीएसटी काउंसिल की नई दिल्ली में हुई बैठक में डेढ़ करोड़ से कम टर्नओवर वाले करीब 80 लाख व्यापारियों जिनकी तदाद कुल टैक्सपेयर की 93 फीसदी है को बड़ी राहत दी गई है. ऐसे करदाता अब कर का भुगतान तो मासिक करेंगे मगर इन्हें त्रैमासिक रिटर्न दाखिल करने की सुविधा होगी. इन छोटे डीलरों से कुल राजस्व का 16 फीसदी की प्राप्ति होती है. बिहार के उपमुख्यमंत्री और रिटर्न सरलीकरण के लिए गठित मंत्री समूह के संयोजक सुशील कुमार मोदी की पहल पर जीएसटी कौंसिल ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है.

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