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होशियार! वबा बना दिल की बीमारी

रांची 25 मई : रियासत के लोगों के लिए खतरे की घंटी है। गैर मत्वाजिन खान-पान और फासिद तर्ज़ जिंदगी की वज़ह दिल की बीमारी तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है।

रांची 25 मई : रियासत के लोगों के लिए खतरे की घंटी है। गैर मत्वाजिन खान-पान और फासिद तर्ज़ जिंदगी की वज़ह दिल की बीमारी तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है।

यह वबा की शकल लेता जा रहा है। अदाद की मानें, दारुल हुकूमत के अस्पतालों में एक हफ्ता के अन्दर 1000 से ज्यादा दिल की बीमारी का इलाज होता है। ये मरीज ओपीडी में जांच और इलाज के लिए पहुंचते हैं। हालांकि, कई मरीज मालूमात के फक्दान में वक़्त पर अस्पताल में नहीं पहुंच पाते हैं, जिससे उनकी हालत और खराब हो जाती है।

शहर के दीगर अस्पतालों में भी दिल के बिमारियों का इलाज होता है। ऑर्किड में एक हफ्ता में 70 से ज्यादा दिल के मरीज़ इलाज के लिए पहुंचते हैं। वहीं दीगर अस्पतालों और क्लिनिकों में डोक्टरों की तरफ से 450 से 500 दिल के मरीजों का इलाज किया जाता है। यहां बता दें कि इन अस्पतालों में ऑपरेशन नहीं होता है, लेकिन मेडिकल केयर की सहूलियत मिलती है।

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