Saturday , December 16 2017

हक़ीक़ी हिंदूस्तानी तलबा ( छात्रों) के बर्तानिया में ख़ौरमक़दम (स्वागत) का ऐलान

बर्तानवी यूनीवर्सिटीयों के आला सतही ओहदेदारों ने कहा कि हक़ीक़ी हिंदूस्तानी और दीगर ( अन्य) बैन-उल-अक़वामी ( अंतरराष्ट्रीय) तलबा ( छात्रों) का ख़ौरमक़दम ( स्वागत) किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट वीज़ा निज़ाम में हालिया तबदीलीयों से

बर्तानवी यूनीवर्सिटीयों के आला सतही ओहदेदारों ने कहा कि हक़ीक़ी हिंदूस्तानी और दीगर ( अन्य) बैन-उल-अक़वामी ( अंतरराष्ट्रीय) तलबा ( छात्रों) का ख़ौरमक़दम ( स्वागत) किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट वीज़ा निज़ाम में हालिया तबदीलीयों से कोई ज़्यादा फ़र्क़ पैदा नहीं हुआ।

यूनीवर्सिटीज़ यू के नामी तंज़ीम ने जो बर्तानिया के तमाम आला तालीमी इदारों ( शिक्षा संस्थानो) की नुमाइंदा ( प्रतिनिधी) है, एक ख़ुसूसी प्रेस कान्फ्रेंस में मुख़्तलिफ़ ममालिक ( देशो) के इन अंदेशों का अज़ाला ( रौशनी में लाया) किया कि बर्तानिया में तलबा ( छात्रों) के ख़िलाफ़ यूनीवर्सिटीयों की जानिब से कार्रवाई की गई है और अब ग़ैरमुल्की तलबा का बर्तानिया में ख़ौरमक़दम ( स्वागत) नहीं किया जाता।

इस ग़लतफ़हमी की बिना पर बैरूनी ममालिक के तलबा ने बर्तानिया में हुसूल-ए-तालीम ( शिक्षा ग्रहण/ पढाई पूरी करने) के लिए आना तर्क कर ( छोड़) दिया है। मुबय्यना ( कथित) तौर पर हिंदूस्तान से आइन्दा तालीमी साल के लिए जिस का आग़ाज़ सितंबर से होगा, बर्तानवी यूनीवर्सिटीयों को बहुत कम तलबा की दरख़ास्तें हासिल हुई हैं।

यूनीवर्सिटीज़ यू के नुमाइंदा जो एट वोल ने पी टी आई से कहा कि वो वाज़िह ( स्पष्ट) तौर पर कह देना चाहते हैं कि बैन-उल-अक़वामी तलबा ( अंतर्ताष्ट्रीय छात्रों) के बर्तानिया में आने पर कोई तहदीद (भड़काना या डराना) आइद नहीं की गई है।

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