Sunday , May 20 2018

हज़रत ज़ैनब के मज़ार मुबारक पर रैकेट हमले की मज़म्मत

कुल हिंद शीया मजलिस उल्मा-ओ-ज़ाक्रेन शहज़ादी हज़रत ज़ैनब अलैहा अस्सलाम के हिर्म मुतह्हर पर बाग़ीयों ने रैकेट हमले की शदीद मज़म्मत कि है।

कुल हिंद शीया मजलिस उल्मा-ओ-ज़ाक्रेन शहज़ादी हज़रत ज़ैनब अलैहा अस्सलाम के हिर्म मुतह्हर पर बाग़ीयों ने रैकेट हमले की शदीद मज़म्मत कि है।

हम सब पर ये वाज़िह करदेना चाहते हैंके हम शहज़ादी ज़ैनब से इसी तरह मुहब्बत करते हैं जिस तरह से हम शहज़ादी फ़ातमह से मुहब्बत करते हैं।

शाम के बाग़ीयों ने पैग़ंबर इस्लाम की मज़लोमा नवासी के हिर्म मुतह्हर पर रैकेटों के ज़रीये हमला करके हुकूमत शाम से अपनी बग़ावत का इज़हार नहीं किया बल्कि पैग़ंबर इस्लाम की नवासी के हिर्म मुतह्हर पर हमले के ज़रीये अपने दीन से और अपने इस्लाम से बग़ावत का इज़हार कर दिया।

इस लिए कि नवासी की इज़्ज़त ना करना दरअसल नाना पीग़मबर रसूल-ए-पाक (स०) की इज़्ज़त ना करना है और जो पैग़ंबर इस्लाम की इज़्ज़त नहीं करता वो इस्लाम के दायरे में रहने का हक़ नहीं रखता।

दूसरी तरफ़ हज़रत पैग़ंबर इस्लाम के इरशाद मुबारका से ज़ाहिर होता हैके जो क़ौम ज़ुलम करती है वो बाक़ी नहीं रह सकती। लिहाज़ा अब बाग़ीयों की शिकस्त-ओ-बर्बादी का वक़्त क़रीब आगया है।

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