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क़ानून हक़ तालीम पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले आईनी हुक़ूक़ के मुग़ाइर

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड क़ानून हक़ लाज़िमी तालीम के मुआमले में सुप्रीम कोर्ट की जानिब से दिए गए फ़ैसला को आईनी हुक़ूक़ के मुग़ाइर तसव्वुर करता है । बोर्ड की जानिब से चलाई गई तहरीक के सबब क़ानून हक़ लाज़िमी तालीम से दीनी मदारिस

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड क़ानून हक़ लाज़िमी तालीम के मुआमले में सुप्रीम कोर्ट की जानिब से दिए गए फ़ैसला को आईनी हुक़ूक़ के मुग़ाइर तसव्वुर करता है । बोर्ड की जानिब से चलाई गई तहरीक के सबब क़ानून हक़ लाज़िमी तालीम से दीनी मदारिस को और हुकूमत से इम्दाद हासिल ना करने वाले ख़ानगी मदारिस को मुस्तसना क़रार दिया गया है ।

मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड दिल्ली की 53 मसाजिद में इबादत को बहाल करवाने के लिए ज़रूरत पड़ने पर अवामी तहरीक चलाने से भी गुरेज़ नहीं करेगा । दिल्ली की 53 मसाजिद ऐसी हैं जो कि महकमा आसारे-ए-क़दीमा के तहत हैं वहां नमाज़ों की अदायगी पर पाबंदी आइद है ।

मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की जानिब से हुकूमत उत्तर प्रदेश से की गई नुमाइंदगी का चीफ़ मिनिस्टर उत्तर प्रदेश ने तहरीरी जवाब रवाना करते हुए इस बात से वाक़िफ़ करवाया कि ख्वातीन को ज़रई अराज़ी में हक़ के मुआमले में शरीयत को मल्हूज़ रखते हुए फ़ैसला करेगी । उत्तर प्रदेश में ख्वातीन को ज़रई अराज़ी में हक़ से महरूम करने के लिए बनाए जा रहे क़ानून पर मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड ने बरवक़्त इक़्दाम करते हुए हुकूमत से नुमाइंदगी की ।

मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के 22 वें इजलास का आज मुंबई हज हाउस में आग़ाज़ हुआ। बोर्ड के असासी-ओ-मीक़ाती अरकान के इजलास के दौरान इन उमूर पर तबादला-ए-ख़्याल किया गया और रिपोर्टस पेश की गयी । मौलाना अबदुर्रहीम क़ुरैशी ने आर टी ई पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसला के मुताल्लिक़ तफ़सीली रिपोर्ट पेश करते हुए इस के नक़ाइस ब्यान किए । मौलाना वली रहमानी , मौलाना मुहम्मद रहीम उद्दीन अंसारी , मौलाना सऊद आलिम क़ासिमी , जनाब मुहम्मद अदीब रुकन राज्य सभा के इलावा दीगर ने इजलास से ख़िताब किया ।

इजलास में वक़्फ़ ऐक्ट में तरमीम का बारीकबीनी से जायज़ा लेते हुए तजावीज़ तैयार करने का फ़ैसला किया गया । इजलास की कार्रवाई मौलाना ख़ालिद सैफ-उल्लाह रहमानी ने चलाई । इस इजलास का आग़ाज़ मुफ़्ती अशर्फ़ अली बाक़वी की क़रा॔त कलाम पाक से हुआ ।

क़ब्लअज़ीं इस सहि रोज़ा इजलास के पहले दिन क़ौमी आमिला का इजलास मुनाक़िद हुआ जिसमें इजलास के एजेंडे पर ग़ौर-ओ-ख़ौस किया गया। सदर मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड मौलाना राबा हसनी नदवी की ज़ेर-ए-सदारत मुनाक़िदा आमिला इजलास के दौरान हिंदूस्तानी अदालतों की जानिब से शरीयत के मुग़ाइर दिए जा रहे फ़ैसलों के सद्द-ए-बाब के लिए इक़्दामात के इलावा बाबरी मस्जिद फ़ैसला, वक़्फ़ ऐक्ट में तरमीम बिल, क़ानून हक़ तालीम के इलावा रास्त महसूलात (डी टी सी) पर भी ग़ौर-ओ-ख़ौस किया गया।

अरकान आमिला के इस इजलास में क़ौमी आमिला के अरकान मौलाना साजिद क़ासिमी, मौलाना कलब सादिक़, मौलाना सय्यद फ़ख़्रउद्दीन कछौछवी, मौलाना सय्यद निज़ाम उद्दीन जनरल सेक्रेटरी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड, मौलाना अबदुर्रहीम क़ुरैशी अस्सिटेंट जनरल सेक्रेटरी के इलावा अरकान आमिला ज़फ़र यार जीलानी, मौलाना अबदुल्लाह मग़ीसी, मौलाना मसऊद आलिम क़ासिमी, मौलाना अतीक़ अहमद बसतवी, मौलाना सय्यद ख़लील अल रहमान सज्जाद नामानी नक़्शबंदी, मौलाना अतहर, जनाब कमाल फ़ारूक़ी, मौलाना मुहम्मद रहीम उद्दीन अंसारी (हैदराबाद), डाक्टर अस्मा-ए-ज़हरा (हैदराबाद), मौलाना अंसर उमरी, मौलाना अहमद अली क़ासिमी, मौलाना सलमान हसनी नदवी के इलावा मौलाना ख़ालिद सैफ-उल्लाह, मौलाना अबदुल सत्तार यूसुफ़ शेख़ और दीगर मौजूद थे।

इजलास के दौरान हिंदूस्तानी अदालतों की जानिब से शरई मुआमलात में मुदाख़िलत करने वाले फ़ैसलों की तफ़सीलात पेश करते हुए इस के तदारुक के लिए आली सतही मुबाहिस पर ग़ौर-ओ-ख़ौस किया गया। इस इजलास में मुल्क़ गीर सतह पर चलाई गई आईनी तहरीक का जायज़ा लिया गया ताकि मुस्तक़बिल में तहरीक में मज़ीद बेहतरी पैदा की जा सके। इजलास में 20 से 22 अप्रैल मुनाक़िद हो रहे सहि रोज़ा मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के इजलास के एजंडे को क़तईयत देने के बाद इस बात का फ़ैसला किया कि जिन उमूर पर मुबाहिस की ज़रूरत है, इस पर अरकान असासी-ओ-मीक़ाती से इजलास में मुशावरत के बाद क़तई फ़ैसले किए जाऐंगे।

इस सहि रोज़ा इजलास में जिन मसाएल पर मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड ग़ौर-ओ-ख़ौस के बाद फ़ैसले करेगा इन में आर टी ई, वक़्फ़ तरमीम बिल, बाबरी मस्जिद मुक़द्दमे में हो रही पैरवी और मुक़द्दमा की तफ्सीलात, मज़हबी इदारों को हासिल होने वाली इम्दाद पर सरकारी महसूल और दीगर उमूर शामिल हैं।

पर्सनल ला बोर्ड की आमिला ने इस यक़ीन का इज़हार किया है कि 22 वीं इजलास में किए जाने वाले फ़ैसलों पर हुकूमत संजीदगी से ग़ौर करते हुए बोर्ड के ज़हनी तहफ़्फुज़ात को दूर करने के इक़्दामात करेगी चूँकि बोर्ड क़ौमी सतह पर मुस्लमानों के जज़बात-ओ-एहसासात को मद्द-ए-नज़र रखते हुए शरीयत में मुदाख़िलत को रोकने की कोशिश कर रहा है।

आंधरा प्रदेश से मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के इजलास में शिरकत करने वालों में मौलाना सैयद अली अकबर निज़ाम उद्दीन साबरी, जस्टिस शाह मुहम्मद कादरी, मौलाना सुलेमान सिकन्दर, मौलाना मुहम्मद हुसाम उद्दीन सानी जाफ़र पाशाह, मौलाना मसऊद हुसैन मशतहदी, मुहतरमा सबीहा सिद्दीक़ी, मुहतरमा तहनियत अतहर के इलावा ख़ुसूसी मदावीन मौलाना मुफ़्ती सादिक़ मुही उद्दीन, जनाब मुनीर उद्दीन मुख्तार, जनाब मतीन कादरी, मुहतरमा शमीम फ़ातिमा, मुहतरमा रूही ख़ान, मुहतरमा डाक्टर जौहर शामिल हैं।

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