क़ाहिरा में इस्लाम पसंदों का मार्च यौमे शहीदां में बदला

क़ाहिरा में इस्लाम पसंदों का मार्च यौमे शहीदां में बदला
क़ाहिरा में आज बाद नमाज़े जुमा मिस्र के माज़ूल सदर मुहम्मद मुर्सी के हज़ारों हामियों ने एहितजाजी मार्च निकाला और जुमा के दिन को यौमे शहीदां के तौर पर मनाया ।

क़ाहिरा में आज बाद नमाज़े जुमा मिस्र के माज़ूल सदर मुहम्मद मुर्सी के हज़ारों हामियों ने एहितजाजी मार्च निकाला और जुमा के दिन को यौमे शहीदां के तौर पर मनाया ।

बड़े पैमाने पर मार्च निकालने की अपीलों के बावजूद इस मार्च में चंद हज़ार अफ़राद ही शरीक हुए। पुलिस की अंधा धुंद कार्यवाईयों और फायरिंग से बचने के लिए इस्लामपसंदों की कसीर तादाद सड़कों से दूर रही। कल का मार्च इस्लाम पसंदों के सब्र-ओ-इस्तिक़लाल और अह्द की कड़ी आज़माईश था। इन इस्लामपसंदों ने जुमा को यौमे शहीदां के तौर पर मनाया।

मुहम्मद मुर्सी की इख़वानुल मुस्लिमीन ने अपने चंद हज़ार हामियों के साथ एक रैली निकाली। इस से पहले क़ाहिरा में दो एहितजाजी कैम्पों को तहस नहस करते हुए पुलिस और फ़ौज ने ज़बरदस्त ख़ूँरेज़ी की थी। इस वाक़िये के बाद जुमे के मौक़े पर मुर्सी के चंद हज़ार हिमायती ही सड़कों पर दिखाई दिए।

पुलिस की कार्रवाई के बाइस एहितजाजियों की तादाद घट गई है, लेकिन इन का जज़्बा बरक़रार है । गुज़िश्ता हफ़्ते ही इख़वानुल मुस्लिमीन के सुप्रीम लीडर मुहम्मद बदी के बशमोल 2000 कारकुन और क़ाइदीन को गिरफ़्तार करलिया गया था।
दरिया ए नील के किनारे एक टाउन में इस्लाम पसंदों के एहतिजाज को नाकाम बनाने के लिए पुलिस ने आँसू ग़ैस शैल बरसाए और लाठी चार्ज किया ।

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