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क़ियादत की नींदें हराम, शहर के कई अरकाने असेंबली हुक्मराँ जमात के राबिता में!

हैदराबाद 07 जून: टीआरएस ने तमाम सियासी जमातों के क़ाइदीन के लिए अपने दरवाज़े खोल दिए हैं। रियासत तेलंगाना में इक़तिदार हासिल करने के बाद मुख़्तलिफ़ सियासी जमातों के क़ाइदीन खास्कर अरकाने असेंबली-ओ-पार्लीमान को पार्टी में शमूलीयत का मौक़ा फ़राहम करने के बाद अब तमाम हर सतह के क़ाइदीन को पार्टी में शामिल किया जाने लगा है।

तेलंगाना राष़्ट्रा समीती ने तशकील तेलंगाना के बाद जब इक़तिदार हासिल किया और मुहम्मद महमूद अली को डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर बनाने का एलान किया तो मुस्लिम तबक़ा की तरफ से इस का खुल कर ख़ैर-मक़्दम किया गया लेकिन इस के असरात का अंदाज़ा उस वक़्त हुआ जब टीआरएस को मजलिस बलदिया अज़ीम-तर हैदराबाद के चुनाव के दौरान ज़बरदस्त अवामी ताईद हासिल हुई।

शहरे हैदराबाद में टीआरएस को हासिल हुई ग़ैरमामूली कामयाबी के बाद मुक़ामी जमात के क़ाइदीन का रुजहान भी टीआरएस की तरफ बढ़ता जा रहा है क्युंकि बरसर-ए-इक्तदार जमात होने के अलावा सियासी मुस्तक़बिल को बेहतर बनाने के ख़ाहिशमंद क़ाइदीन आइन्दा चुनाव और नामज़द ओहदों को नज़र में रखते हुए तेलंगाना राष़्ट्रा समीती में शमूलीयत इख़तियार करने लगे हैं।

शहर में मौजूद मुक़ामी जमात के क़ाइदीन ये जान चुके हैं कि जमात की क़ियादत किसी मसले पर हुकूमत से उलझने के मौक़िफ़ में नहीं है उसी लिए बिला चूँ-ओ-चरा हर बात को क़बूल किया जाने लगा है। जमात के कारकुनों में तेज़ी से फैल रहे इस एहसास को दूर करने के लिए कोई हिक्मत-ए-अमली नहीं है जिसकी बुनियादी वजह जीएचएमसी चुनाव में टीआरएस को हासिल होने वाली ज़बरदस्त अवामी ताईद है।

हैदराबाद के इलाके पुराने शहर में जहां बलदी चुनाव के दौरान कांग्रेस ने काफ़ी कोशिश की थी लेकिन इस के बावजूद कांग्रेस को ख़ातिरख़वाह नताइज नहीं हुए जबकि टीआरएस ने पुराने शहर में चुनाव के दौरान कोई तवज्जा नहीं दी उस के बावजूद कई नशिस्तों पर टीआरएस उम्मीदवार दूसरे नंबर पर रहे।

इन उम्मीदवारों को हासिल होने वाले वोट ने मुक़ामी जमात के क़ाइदीन की नींद उड़ा दी है क्युंकि टीआरएस की तरफ से चुनाव मुहिम में शिद्दत इख़तियार ना किए जाने के बावजूद ग़ैर-मारूफ़ उम्मीदवारों ने जो वोट हासिल किए हैं वो हैरान कर देने के लिए काफ़ी है। तेलंगाना राष़्ट्रा समीती की तरफ से शहर के अरकाने असेंबली के लिए दरवाज़े खोले जाने की सूरत में हालात तबदील होने के क़वी इमकान हैं चूँकि टीआरएस क़ाइदीन का दावे है कि दो अरकाने असेंबली हुकूमत से राबिता में हैं और उनकी तरफ से ये भी कहा जा रहा है कि इन के लिए राहें हमवार होने की सूरत में मज़ीद एक रुकने असेंबली तैयार है।

टीआरएस की तरफ से शादी मुबारक स्कीम आसरा पेंशन स्कीम तालीमी वज़ाइफ़ खास्कर बैरून-ए-मुल्क तालीम के लिए 10लाख रुपये तक की इमदाद जैसी स्कीमात ने अक़लियतों को टीआरएस की तरफ राग़िब किया है हुकूमत की तरफ से रास्त अवाम तक रसाई की कोशिशों ने जो फ़ायदा पहुंचाया है इस के सबब पार्टी को अवाम में ज़बरदस्त मक़बूलियत हासिल हुई है।

के चन्द्रशेखर राव ने पुराने शहर से ताल्लुक़ रखने वाले टीआरएस क़ाइद मुहम्मद महमूद अली को डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर बनाए जाने और डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर का ओहदा हासिल करने के बावजूद मुहम्मद महमूद अली के अवाम के बीच रहने से भी कई लोग काफ़ी मुतास्सिर हैं।

पुराने शहर के अवाम के बीच से एक शख़्स रियासती काबीना में पहुंचने के मुसबित नताइज का अवाम ख़ुद मुशाहिदा कर रहे हैं। कांग्रेस तेलुगू देशम और वाईएसआर कांग्रेस के मुंख़बा नुमाइंदों की टीआरएस में शमूलीयत के बाद अब मुक़ामी जमात के कारकुन-ओ-क़ाइदीन टीआरएस से राबिता मैं आचुके हैं इन इत्तेलाआत के साथ ही बाज़ नौजवानों ने शमूलीयत इख़तियार करनी शुरू भी कर दी

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