Friday , December 15 2017

क़ियाम तेलंगाना में रुकावट डालने की मज़म्मत

मर्कज़ी हुकूमत और सदर जमहूरीया हिंद की तरफ से रियासत की तक़सीम के सिलसिले में असेंबली में मुबाहिस के लिए रवाना करदा मुसव्वदा बिल पर मुबाहिस के बजाये इस में रुकावट डालना मुसव्वदा बिल को भाड़ देना इंतिहाई मज़मूम हरकत है।

मर्कज़ी हुकूमत और सदर जमहूरीया हिंद की तरफ से रियासत की तक़सीम के सिलसिले में असेंबली में मुबाहिस के लिए रवाना करदा मुसव्वदा बिल पर मुबाहिस के बजाये इस में रुकावट डालना मुसव्वदा बिल को भाड़ देना इंतिहाई मज़मूम हरकत है।

रियासत की तक़सीम का अमल होचुका है। इलाक़े की तरक़्क़ी और मर्कज़ी इमदाद के सिलसिले में अपने मुतालिबात और राय पेश करने के बजाये मुत्तहदा रियासत की बात करना बेवक़ूफ़ी की बात है।

इन ख़्यालात का इज़हार साबिक़ रियासती वज़ीर टी जीवन रेड्डी ने प्रेस कांफ्रेंस को मुख़ातब करते हुए किया। उन्होंने कहा कि किसी रियासत की तक़सीम के लिए असेंबली में मुबाहिस के लिए उमूमन 30 दिन का वक़फ़ा दिया जाता है, जबकि यहां पर 42 दिन का वक़फ़ा दिया गया।

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