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क़ुरआन मजीद का क़दीम तरीन ( प्राचीन) नुस्ख़ा यमन में दस्तयाब

यमन के एक नौजवान ने क़ुरआन मजीद का सब से क़दीम तरीन ( सबसे प्राचीन/ पुरानी) नुस्ख़ा तलाश कर लेने का दावा किया है । यमन के अरब ख़बररसां इदारा ( News Agencies) अदन गल्फ़ न्यूज़ ने ख़बर दी है कि मुल्क के जुनूबी ( दक्षिण) शहर ज़ुहल की पहाड़ीयों के एक ग़ार (ग

यमन के एक नौजवान ने क़ुरआन मजीद का सब से क़दीम तरीन ( सबसे प्राचीन/ पुरानी) नुस्ख़ा तलाश कर लेने का दावा किया है । यमन के अरब ख़बररसां इदारा ( News Agencies) अदन गल्फ़ न्यूज़ ने ख़बर दी है कि मुल्क के जुनूबी ( दक्षिण) शहर ज़ुहल की पहाड़ीयों के एक ग़ार (गुफा) से ये नादिर ( उत्तम/ श्रेष्ट) नायाब नुस्ख़ा बरामद हुआ है जिस पर ज़िल्द ( Cover) चढ़ी हुई है और महफ़ूज़ है ।

बावर(विश्वास)किया जाता है कि ये नुस्ख़ा ग़ालिबन 200 हिज्री (15 य-ए-) में तहरीर किया ( (लिखा) गया होगा । क्योंकि इसके पहले सफ़ा (पन्ने/ Page) पर इसका ज़िक्र है । इबतिदाई (प्रारम्भिक) तहक़ीक़ात से पता चला है कि ये नुस्ख़ा बिलकुल सही है ।

इस नौजवान ने अपनी शनाख़्त (पहचान) नहीं की है लेकिन क़ुरआन मजीद के इस नुस्ख़ा के हदया ( पुरस्कार) के तौर पर उस को 12 मिलियन यमनी रयाल यानी दो लाख पाँच हज़ार इमाराती दिरहम देने की पेशकश की गई है ।

लेकिन इस ने पेशकश कुबूल करने से इनकार कर दिया है और क़ुरान-ए-पाक के इस नुस्ख़ा को अपने पास रखने का फ़ैसला किया है । पैग़ंबर इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफा (स०अ०व०) के चचाज़ाद बिरादर , दामाद और इस्लाम के चौथे ख़लीफ़ा हज़रत अली बिन अबु तालिब की शमशीर मुबारक ज़ुल्फ़क़ार भी इस नौजवान को दस्तयाब हुई है ।

इस्लामी तारीख़ और रवायात के मुताबिक़ रसूल अल्लाह ( स०अ०व०)ने हज़रत अली ( रजी०) को ये तलवार ज़ुल्फ़क़ार तोहफ़ा में पेश किया था ।

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