Thursday , December 14 2017

क़ौमी अकलिय‌ती कमीशन भाई चारे का माहौल पैदा करने

क़ौमी अकलिय‌ती कमीशन की पूरी सात रुक्नी टीम ने आज फ़सादज़दा मुज़फ़्फ़र नगर और दीगर इलाक़ों का दौरा किया और कमीशन ने उन ज़िला के हुक्काम से मुक़ामी विकास भवन में सलाह-ओ-मश्वरा किया, इस मौके पर मुज़फ़्फ़र नगर और शामली के ज़िला मजिस्ट्रेटों के इ

क़ौमी अकलिय‌ती कमीशन की पूरी सात रुक्नी टीम ने आज फ़सादज़दा मुज़फ़्फ़र नगर और दीगर इलाक़ों का दौरा किया और कमीशन ने उन ज़िला के हुक्काम से मुक़ामी विकास भवन में सलाह-ओ-मश्वरा किया, इस मौके पर मुज़फ़्फ़र नगर और शामली के ज़िला मजिस्ट्रेटों के इलावा इंतिज़ामिया और पुलिस के तमाम अहलकार मौजूद थे।

क़ौमी अकलिय‌ती कमीशन के चेयरमेन वजाहत हबीबुल्लाह ने कहा कि क़ौमी अकलिय‌ती कमीशन इस फ़सादज़दा इलाक़ा में नए सिरे से भाई चारा का माहौल क़ायम करना चाहती है। इस ग़रज़ को पूरा करने के लिए उनके हमराह दिल्ली-ओ-दीगर मुक़ामात पर काम करनेवाली गैर सरकारी समाजी इदारों के अरकान भी आए हैं जो इस ख़ित्ते में भाई चारा क़ायम करने में मदद‌ करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि आज ज़रूरत है कि इस इलाक़े के दोनों फ़िर्क़ों में एक दूसरे के तई एतिमाद-ओ-भरोसा पैदा करना है और टूटे हुए दिलों को जोड़ना है। उन्होंने कहा कि मुज़फ़्फ़र नगर समेत मग़रिबी यू पी में गुजिश्ता दिनों जो कुछ हुआ क्या उसकी जानिब कोई तवज्जो नहीं की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि आज भी इस ख़ित्ते की हालत कोई बहुत ज़्यादा अच्छी नहीं है, पनाह गज़ीं कैंपों में अब भी कुछ लोग रह रहे हैं, इसका मतलब है कि रियासती हुकूमत उन लोगों को घर वापिस जाने पर जान-ओ-माल के तहफ़्फ़ुज़ देने की यक़ीन दहानी कराने में नाकाम रही है। क़ौमी अकलिय‌ती कमीशन की टीम में चेयरमेन वजाहत हबीबुल्लाह के इलावा कैप्टन प्रवीण डावर, फरीदा हां वगैरह के नाम शामिल हैं।

क़ौमी अकलिय‌ती कमीशन की जानिब से फ़सादज़दा इलाक़ों में भाई चारा क़ायम करने की कोशिशों का इलाक़ा के लोगों ने ख़ैरमक़दम किया है। शामली के नजीब जंग, मुज़फ़्फ़र नगर के शाहनवाज़, अस्करी हसन ने मीडिया को टेलीफोन पर बताया कि अब मुज़फ़्फ़र नगर में हालात तकरीबन मामूल पर आगए हैं और क़ौमी अकलिय‌ती कमीशन ने आज फ़सादज़दा इलाक़ों का दौरा करने के बाद मेलजूल वाले माहौल बनाने की जो कोशिश की है, इसके अच्छे और मुसबत नताइज बरामद होंगे।

उन्होंने कहा कि जब तक अखिलेश यादव क़सूरवार अफ़राद के ख़िलाफ़ सख़्त कारवाई नहीं करती है उस वक़्त तक फ़साद ज़दगान से मुतास्सिरा कुंबों के कलेजे की आग ठंडी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि गुजिश्ता दिनों अखिलेश यादव ने अपनी वज़ारती कौंसिल में तीन मुस्लिम वज़रा जिन का ताल्लुक़ मग़रिबी यू पी से है यानी शाहिद मंजूर, इक़बाल महमूद और महबूब अली को वज़ीर ममलकत से बढ़ाकर काबीनी वज़ीर का दर्जा दे दिया है लेकिन इससे मुज़फ़्फ़र नगर समेत मग़रिबी यू पी के मुसलमान क़तई ख़ुश नहीं हैं क्यों कि इन मुस्लिम वज‌रा, मुस्लिम अरकान असेंबली ने मुसीबत की इस घड़ी में उनकी कोई मदद की ही नहीं, इसका उनसे उम्मीद‌ करना ही फ़ुज़ूल है।

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